PM Modi के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस

April 21, 2026 7:46 PM
privilege notice against PM Modi

नेशनल ब्यूरो | नई दिल्ली

कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया है। आरोप है कि प्रधानमंत्री ने ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ के दौरान सांसदों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया था।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “मैं लोकसभा की कार्यवाही और आचरण संबंधी नियमों के नियम 222 के प्रावधानों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार का प्रश्न उठाने का नोटिस दे रहा हूं। उन्होंने 18 अप्रैल 2026 को टेलीकास्ट में अपने संबोधन के दौरान लोकसभा के सदस्यों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।”

वेणुगोपाल के नोटिस में क्या कहा गया?

18 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित किया था यह संबोधन लोकसभा में 17 अप्रैल को संविधान संशोधन। विधेयक, 2026 में मिली पराजय के बाद आया था। विधेयक को अनुच्छेद 368 के तहत आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका था।

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि 29 मिनट के इस भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर विधेयक रोकने का आरोप लगाया और विपक्षी सदस्यों के वोटिंग पैटर्न का सीधा जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि एक चुने हुए प्रतिनिधि द्वारा अपने कर्तव्य का निर्वहन करने पर सवाल उठाना सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि संसद की गरिमा और भारत की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है,”।

वेणुगपा ने आगे कहा, “मैं आपसे, माननीय स्पीकर से, अनुरोध करता हूं कि संसद की पवित्रता और उसके सदस्यों को दिए गए संवैधानिक संरक्षण को बनाए रखने के लिए तत्काल और निर्णायक कदम उठाएं, ताकि ऐसी घटनाएं न तो नजरअंदाज की जाएं और न दोहराई जाएं।

जयराम रमेश का बयान

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “मेरे लोकसभा में वरिष्ठ सहयोगी के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस जारी किया है। यह उनके राष्ट्र के नाम संबोधन के लिए है, जिसमें उन्होंने लोकसभा में अपनी बुरी मंशा की हार के बाद भाषण दिया जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थ।

जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन हमेशा राष्ट्रीय एकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से रखा जाता रहा है। इस संबोधन में प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस पार्टी पर 59 अलग-अलग हमले करते हुए दिखाई गई बेशर्म पक्षपाती उत्तेजना उनके प्रधानमंत्री काल पर एक और स्थायी दाग होगी।

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