रतलाम के एक गांव का ऐलान ‘लव मैरिज की तो पूरे परिवार का होगा सामाजिक बहिष्कार’, वीडियो वायरल होने पर प्रशासन जागा

MP NEWS: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पंचेवा गांव में प्रेम विवाह को लेकर एक विवादास्पद फैसला सामने आया है। यहां ग्रामीणों ने परिवार की मंजूरी के बिना लव मैरिज करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया। इसकी घोषणा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

पंचेवा गांव जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह महीनों में गांव के आठ युवक-युवतियों ने परिवार की इजाजत के बिना प्रेम विवाह किया। इससे नाराज होकर 23 जनवरी को ग्रामीणों की एक सभा में यह फैसला लिया गया।वीडियो में एक व्यक्ति ग्रामीणों की भीड़ के सामने खड़े होकर घोषणा करता दिख रहा है।

परिवार की मर्जी के बिना शादी करने वाले युवक-युवतियों और उनके पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार होगा।
ऐसे लोगों को किसी भी सामाजिक, धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा।
गांव में उन्हें कोई रोजगार या मजदूरी नहीं दी जाएगी।दूध, सब्जी, किराना जैसी रोजमर्रा की चीजों की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
ऐसे जोड़ों की मदद करने वाले ग्रामीणों पर भी प्रतिबंध लगेगा।

प्रशासन की सख्ती

वीडियो वायरल होने के बाद रतलाम प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। जिलाधिकारी मिशा सिंह ने बताया कि वीडियो देखने के बाद लोगों की पहचान कर ली गई है। जांच में पता चला कि यह फैसला किसी आधिकारिक ग्राम सभा ने नहीं लिया, बल्कि कुछ ग्रामीणों ने अपने स्तर पर किया।जिलाधिकारी ने कहा, “पुलिस को इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।” प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी को गांव भेजा गया, जहां लोगों को समझाया गया कि ऐसा कोई गैरकानूनी फैसला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कानून के मुताबिक, 18 साल से अधिक उम्र की लड़की और 21 साल से अधिक उम्र के लड़के को अपनी मर्जी से शादी करने का पूरा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार स्पष्ट किया है कि प्रेम विवाह या अंतरजातीय विवाह के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार गैरकानूनी है। राज्य की जिम्मेदारी है कि ऐसे जोड़ों और उनके परिवारों की सुरक्षा करे।

इस वीडियो पर लोगों ने जमकर नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, “पर्सनल चॉइस क्राइम नहीं है। शादी के नाम पर सामाजिक बहिष्कार गलत है और यह हदें पार करता है। ऐसी स्थितियों में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य का हस्तक्षेप जरूरी है।”प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गांव में अब स्थिति शांत बताई जा रही है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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