तेलंगाना में देवजी सहित चार शीर्ष माओवादी नेताओं का सरेंडर, सुरक्षा बलों का दावा-आखिरी कड़ी भी टूटी

Maoist leaders Devji surrender

हैदराबाद। प्रतिबंधित सीपीआई (एम) संगठन को करारा झटका लगा है। संगठन के चार वरिष्ठ भूमिगत नेताओं  पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी, सेंट्रल कमिटी सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, तेलंगाना राज्य समिति सचिव बडे़ चोक्का राव उर्फ दामोदर और राज्य समिति सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना ने शस्‍त्रत अभियान का रास्‍त छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। इन चारों नेताओं पर कुल 90 लाख का ईनाम था।

इन नेताओं ने आज तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी के सामने सरेंड किया। हालांकि सरेंडर की खबरें मीडिया में पहले ही आ गई थीं, लेकिन आधिकारिक कार्यक्रम के तहत पुलिस ने आज सरेंडर को सार्वजनिक किया।  

इन नेताओं के सरेंडर के बाद डीजीपी का दावा है कि देवुजी और संग्राम जैसे अनुभवी नेता संगठन के सबसे ऊपरी स्तर पर थे। इनके आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन की केंद्रीय निर्णय लेने वाली इकाई लगभग खत्म हो गई है। तेलंगाना स्टेट कमेटी भी अब बेकार हो चुकी है। अब तेलंगाना से जुड़े सिर्फ 11 भूमिगत कैडर बचे हैं, और वे भी बहुत कमजोर स्थिति में हैं।

टिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी जगतियाल जिले के कोरुटला के रहने वाले हैं और 44 सालों से भूमिगत थे। 1982 में सीपीआई (एमएल) पीपुल्स वॉर में शामिल हुए और दंडकारण्य क्षेत्र में विभिन्न पदों पर काम किया।

मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम पेद्दापल्ली जिले के शास्त्रुलापल्ले गांव के मूल निवासी हैं। वह भी 46 सालों से भूमिगत थे। 1974 में संगठन में शामिल हुए और दंडकारण्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2007 में गिरफ्तार हुए, लेकिन 2009 में रिहा होकर फिर भूमिगत हो गए।

बडे चोक्का राव उर्फ दामोदर मुलुगु जिले के कलवापल्ली गांव के मूल निवासी हैं, वह 28 सालों से भूमिगत थे। तेलंगाना राज्य समिति के सचिव के तौर पर जिम्‍मेदारी थी। 1998 में सीपीआई (एमएल) पीपुल्स वॉर में शामिल हुए और खम्मम-करिमनगर-वारंगल डिवीजन में सक्रिय रहे।

वहीं गुंटूर जिले के वल्लुर गांव के मूल निवासी नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना भी  36 साल से सामने नहीं आए थे। 1987 में संगठन में शामिल हुए। दंडकारण्य में राजनीतिक शिक्षा का काम किया। दो बार गिरफ्तार हुए, लेकिन फिर संगठन में लौटे। सरकार की पुनर्वास योजना के तहत इन चारों नेताओं को कुल 90 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी।

किस पर कितना इनाम

  • देवुजी: 25 लाख रुपये
  • संग्राम: 25 लाख रुपये
  • दामोदर: 20 लाख रुपये
  • गंगन्ना: 20 लाख रुपये

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