हैदराबाद। सीपीआई माओवादी संगठन को एक के बाद एक बड़े झटके लगते जा रहा हैं। इसी क्रम में बडे़ माओवादी नेता और सेंट्रल कमेटी मेंबर देवजी और मल्ला राजिरेड्डी ने तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।
60 साल के टिप्पिरी तिरुपति उर्फ देव जी सीपीआई (माओवादी) के महासचिव हैं। उनके साथ सरेंडर करने वाले मल्ला राजिरेड्डी उर्फ संग्राम भी उनके साथ सेंट्रल कमेटी के मेंबर थे। देवजी पर 25 लाख रुपये का इनाम था,और वे करीमनगर जिले के रहने वाले हैं। वे 1980 के दशक से माओवादी आंदोलन में शामिल थे।
देवजी को नंबाला केशव राव के मारे जाने के बाद पार्टी के महासचिव बनाए गए थे। राजिरेड्डी भी संगठन के वरिष्ठ सदस्य थे। इनके अलावा 16 अन्य माओवादी कैडर ने भी आसिफाबाद के जंगल में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए।
मीडिया खबरों के मुताबिक यह घटना तेलंगाना में पिछले चार दशकों से चले आ रहे माओवादी विरोधी अभियान में पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। हालांकि सुरक्षा बल अब भी एक अन्य प्रमुख माओवादी नेता बडे चोक्का राव उर्फ दामोदर की तलाश में जुटे हैं।
इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में CRPF की 87वीं स्थापना दिवस परेड के मौके पर कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश से पूरी तरह नक्सलवाद को खत्म करना है। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद पहले 12 राज्यों में फैला हुआ था, लेकिन CRPF और COBRA जैसी ताकतों ने तीन साल में ही इसे कमजोर कर दिया।
शाह ने विशेष रूप से अप्रैल-मई 2025 में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में चले ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ की तारीफ की।











