हॉलीवुड एक्टर की नजर पड़ी और मुंबई की स्लम गर्ल बन गई अंतरराष्ट्रीय मॉडल Maleesha Kharwa

February 3, 2026 2:19 PM

Maleesha Kharwa : मुंबई की चकाचौंध भरी सड़कों पर, जहां शाहरुख खान के ‘मन्नत’ के बाहर प्रशंसकों की भीड़ लगी रहती है, ठीक उसी सड़क के पार एक छोटी सी झुग्गी में एक लड़की बड़े-बड़े सपने पाल रही थी। पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतों के बिना जीना, बार-बार घर तोड़े जाना यह थी मलीशा खारवा की जिंदगी लेकिन आज 18 साल की यह लड़की न सिर्फ फैशन की दुनिया में चमक रही है, बल्कि लाखों दिलों को प्रेरणा दे रही है। उसकी कहानी आंसूओं से भरी है, लेकिन उम्मीद की किरण इतनी तेज कि हर कोई कह उठता है, सपने सच होते हैं, बस हार मत मानो।

मलीशा का जन्म 13 जनवरी 2008 को हुआ। मुंबई की धारावी झुग्गी में पली-बढ़ीं, जहां परिवार एक छोटे तंबू में रहता था। पिता इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में काम करते, बच्चों की पार्टियों में जोकर या कार्टून कैरेक्टर बनकर। कर्ज का बोझ, नगर निगम की धमकी, सब कुछ सहते हुए मलीशा ने कभी मुस्कुराना नहीं छोड़ा। उसने एक मैगज़ीन को दिए इंटरव्यू में कहा ‘लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं इतनी खुश कैसे रहती हूं, जबकि मैं गरीब हूं लेकिन मैं अपनी जिंदगी से प्यार करती हूं।’

पांच साल की उम्र में प्रियंका चोपड़ा को रैंप पर चलते देख मलीशा ने मॉडल बनने का सपना देखा, लेकिन हालात ऐसे थे कि लोग हंसते थे और कहते थे ‘झुग्गी से मॉडल? नामुमकिन!’ फिर आया 2020 का कोविड लॉकडाउन, जो मलीशा के लिए वरदान साबित हुआ। हॉलीवुड एक्टर रॉबर्ट हॉफमैन (फिल्म ‘स्टेप अप 2’ फेम) मुंबई में फंस गए। एक म्यूजिक वीडियो शूट के दौरान उन्होंने मलीशा को देखा, कैमरे के सामने उसका आत्मविश्वास, मुस्कान और चार्म ने उन्हें हैरान कर दिया। रॉबर्ट ने सोचा, ‘यह ‘मिलियन डॉलर फेस’ वाली लड़की सड़क पर क्यों है?’

मलीशा के पिता से इजाजत लेकर उन्होंने मलीशा का इंस्टाग्राम और यूट्यूब अकाउंट बनाया। GoFundMe पर फंडरेजर शुरू किया, जो आज 24,000 डॉलर से ज्यादा जमा कर चुका है। वीडियो वायरल हुए- मलीशा के घर का टूर, सपनों की बातें, रॉबर्ट को हिंदी सिखाना। मलीशा की मासूमियत ने दुनिया का दिल जीत लिया। सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी जब ‘द पीकॉक’ मैगजीन के कवर पर आईं फिर फॉरेस्ट एसेंशियल्स ने उन्हें ‘युवती’ कैंपेन का चेहरा बनाया। वोग, कोस्मोपॉलिटन, ग्रेजिया, एले, एक के बाद एक मैगजीन्स में फीचर हुईं। छोटी फिल्मों में काम, दो हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स साइन और अब इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 5 लाख पार।

पहली कमाई ₹35,000 आई जो परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी। कर्ज चुकाया | पिता अब दूसरों की मदद करते हैं। मलीशा ने सबसे पहले परिवार के लिए एक किराए का फ्लैट लिया जिससे अब परिवार को पानी भरने के लिए मीलों चलना नहीं पड़ता, न सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ता है लेकिन सफलता के बाद वह अपनी जड़ें नहीं भूलतीं, मलीशा ने उसी सरकारी स्कूल में पढ़ाई जारी, जहां क्लास 1 से हैं। 2025 में क्लास 10 की बोर्ड परीक्षा दी, अब आगे की पढ़ाई के साथ डांस क्लासेस (बैले, जैज) ले रही हैं। झुग्गियों के सरकारी स्कूल में पढ़ी मालिशा अब फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है ।

2026 में मलीशा की जिंदगी और भी रंगीन हो गई है। जनवरी में मलीशा ने 18वां जन्मदिन मनाया, और हाल ही में अपना ज्वेलरी और टी-शर्ट ब्रांड लॉन्च किया हैं, मलीशा का सपना है कि अब इसे अंतरराष्ट्रीय लक्जरी ब्रांड बनाएं। सोशल मीडिया पर मलीशा मॉडलिंग के बीटीएस मोमेंट्स शेयर करती हैं, फैन आर्ट पोस्ट करती हैं। ट्रैवल वीडियोज शेयर करतीं हैं और अपनी जिंदगी की हकीकत को छुपाये बिना हर रोज शुक्रिया अदा करतीं हैं। 2025 के अंत में मलीशा की नेट वर्थ करीब 1 मिलियन डॉलर (₹8.3 करोड़) पहुंच गई है।

मलीशा की असली ताकत उसकी नेकी है। वह ‘Maleesha People’ प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं जिसके अंतर्गत दुनिया भर से कहानियां इकट्ठा कर लोगों के सपने पूरा करना है। रॉबर्ट भी कहते हैं, ‘मलीशा हमेशा दूसरों की मदद करती है।’ दूसरी तरफ मलीशा को हॉलीवुड ऑफर्स मिल रहे हैं लेकिन वह चुनिंदा काम चुनती हैं मलीशा की प्राथमिकता में शिक्षा पहले है।

मलीशा की कहानी आंसू बहाती है, लेकिन दिल को छू जाती है। वह कहती हैं ‘अच्छे या बुरे समय में हमेशा मुस्कुराओ। अगर बुरे में खुश नहीं रह सकते, तो अच्छे में भी नहीं।’ झुग्गी में 12 बार घर टूटा, लेकिन सपने नहीं टूटे। आज वह कहती हैं, ‘कुछ लोग सोचते हैं कि स्लम की इंडियन लड़की प्रोफेशनल मॉडल नहीं बन सकती यह मुझे और मेहनत करने को उकसाता है!’

मलीशा हर उस बच्चे के लिए संदेश है जो सपने देखता है, परिस्थितियां रोक नहीं सकतीं, अगर इरादे मजबूत हों। मुंबई की झुग्गी से ग्लोबल स्टेज तक, उसका सफर साबित करता है कि सपने पूरे होतें है। मलीशा, तुम्हारी मुस्कान लाखों लोगों को रोशनी दे रही है इसे जारी रखो, क्योंकि तुम्हारे सपने मायने रखते हैं प्रेरणा देते हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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