शहडोल। इन दिनों लोगों में रील का नशा इस कदर चढ़ा हुआ है कि लोग सब काम भुलाकर रील बनाने में लगे हुए हैं। चाहे सरकारी अधिकारी हों या कर्मचारी सभी रील बनाकर लाेकप्रिय होना चाह रहें हैं। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के में पदस्थ प्रधान आरक्षक (Traffic Constable) विवेकानंद तिवारी को रील बनाना महंगा पड़ गया है। उन्हें विभाग ने सस्पेंड कर दिया है।
आरक्षक विवेकानंद यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर यातायात से जुड़ी रील बनाते हैं। साहब को रील बनाने का ऐसा चस्का चढ़ा कि 15 दिनों तक ड्यूटी से बिना बताए गायब हो गए। इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। विवेकानंद हो सस्पेंड करने के बाद उनके समर्थक सोशल मीडिया में इस आदेश का विरोध कर रहें हैं।
दरअसल, शहडोल जिले के यातयात थाना में विवेकानंद तिवारी प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। विवेकानंद फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर यातायात नियमों संबंधी रील बनाते हैं। साथ ही लोगों को समझाइश देते हुए नजर आते हैं। कई बार चलानी कार्रवाई भी उनके वीडियो में दिखाई देती हैं। अब विवेकानंद तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है। विभाग की ओर से उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया और ड्यूटी में उपस्थित नहीं हुए।
ड्यूटी से गायब और मीडिया में सोशल
पुलिस विभाग की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया है कि 15 दिन से ड्यूटी से गायब और मीडिया मे सोशल, पुलिस अधीक्षक ने यातायात आरक्षक को निलंबित किया।
शहडोल पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने यातायात आरक्षक श्री विवेकानंद तिवारी को गत 15 दिनों से बिना सूचना के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर। विभिन्न स्थानों पर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया में निजी लाभ एवं प्रचार के लिए अपलोड किए जाने को पुलिस रेग्यूलेशन 64 के सेवा की सामान्य शर्तों का उलंघन मानते हुए निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि प्रआर अपने शासकीय ड्यूटी पर न जाकर निजी लाभ के लिए सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने में सक्रिय पाये गए हैं। सोशल मीडिया वीडियो में देखा जा रहा था कि वे पुलिस की निर्धारित वर्दी में मोनो हटाकर शेष वर्दी धारण कर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
लाखों में हैं विवेकानंद के फॉलोवर्स
निलंबित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के सोशल मीडिया के अलग– अलग प्लेटफॉर्म्स पर लाखों की संख्या में फॉलोवर्स हैं। यूट्यूब चैनल पर 86.9 लाख सब्सक्राइबर और 5 अरब से ज्यादा व्यूज हैं। फेसबुक पर विवेकानंद के 7 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं, इसी प्रकार इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन से ज्यादा फोलोवर्स हैं।
निलंबित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के बचाव उनके समर्थक सोशल मीडिया में उतर चुके हैं। सोशल मीडिया में विवेकानंद पर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विवेकानंद तिवारी की लापरवाही उजागर की है।
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