लेंस डेस्क। कानपुर में लग्जरी कार लैंबोर्गिनी क्रैश का मामला (Kanpur Lamborghini Car Crash) अब नया मोड़ ले रहा है। आरोपी शिवम मिश्रा के पिता, तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने पुलिस के दावे को चुनौती देते हुए एक अलग कहानी बताई है। उन्होंने कहा कि क्रैश के समय शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था और वह बेहोश हो गया था। पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि सबूत शिवम के ड्राइविंग करने की पुष्टि करते हैं।
क्या हुआ था हादसा ?
रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे कानपुर के ग्वालटोली इलाके की VIP रोड पर एक ब्लैक लैंबोर्गिनी रेवुएल्टो (दिल्ली नंबर DL 11 CF 4018) ने तेज रफ्तार से एक्सीडेंट किया। यह करीब 10 करोड़ रुपये की इटालियन लग्जरी स्पोर्ट्स कार है। कार ने पहले एक ऑटोरिक्शा को टक्कर मारी फिर एक खड़ी मोटरसाइकिल से टकराई। मोटरसाइकिल सवार को हवा में 10 फीट उछाला गया। कार मोटरसाइकिल के आगे के पहिए पर चढ़ गई उसे कुछ दूरी तक घसीटा और आखिर में बिजली के खंभे से टकराकर रुकी। इस हादसे में 6 लोग घायल हुए। कार को जब्त कर लिया गया है और जांच के लिए भेज दिया गया है। एक घायल तौफीक की शिकायत पर FIR दर्ज हुई है, जिसमें लापरवाही से ड्राइविंग और चोट पहुंचाने के आरोप हैं।
कौन है आरोपी ?
शिवम मिश्रा, केके मिश्रा के बेटे हैं। केके मिश्रा बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं जो क्षेत्र में गुटखा बनाने वाली कंपनियों को तंबाकू सप्लाई करती है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन शिवम जांच के दायरे में हैं। पिता केके मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में पुलिस के वर्जन को गलत बताया।
उनके अनुसार क्रैश के समय गाड़ी में शिवम और एक ड्राइवर (मोहन) दोनों थे। एक दिन पहले लैंबोर्गिनी में तकनीकी खराबी आई थी, मैकेनिक ने ठीक किया। अगले दिन शिवम और ड्राइवर ने टेस्ट ड्राइव के लिए गाड़ी निकाली। सिविल लाइंस से लौटते समय शिवम को नींद आने लगी और वह बेहोश हो गया। ड्राइवर ने एक हाथ से शिवम को चेक करने के लिए हाथ हटाया जिससे गाड़ी धीमी हो गई और ऑटोरिक्शा ने टक्कर मार दी। गाड़ी के शीशे ऑटोमैटिक लॉक हो गए थे, इसलिए सिक्योरिटी स्टाफ वाली SUV से कांच तोड़कर शिवम को बाहर निकाला। घर पहुंचने पर डॉक्टर ने चेक किया, फिर दिल्ली इलाज के लिए भेजा गया। वहां अभी भी इलाज चल रहा है, 2-3 दिन में ठीक हो जाएगा। पुलिस कमिश्नर गलत कह रहे हैं कि शिवम ड्राइविंग कर रहा था। परिवार में कोई शराब या नशा नहीं करता।
पुलिस का क्या कहना है?
कानपुर पुलिस ने परिवार के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा, जांच में CCTV फुटेज, आईविटनेस और अन्य सबूतों से पुष्टि हुई है कि शिवम ही गाड़ी चला रहा था। FIR में शुरू में अनजान ड्राइवर का नाम था लेकिन जांच में शिवम को आरोपी बनाया गया। कोई वकील कोर्ट में क्या कहता है उससे जांच पर असर नहीं पड़ता। जरूरत पड़ी तो कोर्ट में सारे फैक्ट्स रखे जाएंगे।
डीसीपी (सेंट्रल) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घटनास्थल के CCTV में शिवम को ड्राइवर सीट से बाहर निकालते दिखाया गया है। पुलिस ने मिश्रा निवास पर नोटिस देने गई लेकिन संपर्क नहीं हुआ।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। चार्जशीट जल्द दाखिल करने की बात कही जा रही है। हादसे के बाद इलाके में काफी हंगामा हुआ था और अब परिवार और पुलिस के अलग-अलग बयानों से मामला और रोचक हो गया है। पोस्टमॉर्टम या फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं है क्योंकि कोई मौत नहीं हुई लेकिन घायलों का बयान और सबूत महत्वपूर्ण होंगे। द लेंस इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए है।








