देश की प्रमुख एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में आ गई है। कुछ यूजर्स ने कंपनी की कथित ग्रूमिंग हैंडबुक के स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिनमें केबिन क्रू और पायलटों को तिलक, सिंदूर, मंगलसूत्र और कलावा जैसे धार्मिक निशान लगाने या पहनने पर रोक का दावा किया गया। इन दस्तावेजों में हिजाब और पगड़ी को अनुमति देने का भी जिक्र था, जिससे कई लोगों ने दोहरे मानदंड का आरोप लगाया और #BoycottIndiGo ट्रेंड कर दिया।
विवाद शनिवार को और बढ़ गया जब एक्स पर ये स्क्रीनशॉट वायरल हुए। कई यूजर्स ने इसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर हमला बताया और कॉर्पोरेट कंपनियों पर सांस्कृतिक पहचान दबाने का आरोप लगाया। यह मामला लेंसकार्ट और एयर इंडिया के हालिया विवादों के ठीक बाद सामने आया, जिससे बहस और गर्म हो गई।इंडिगो कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दस्तावेज गलत और फर्जी हैं। इंडिगो ने स्पष्ट किया कि उसकी ग्रूमिंग नीतियां ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज के अनुसार बनाई गई हैं। ये नियम किसी विशेष धर्म के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि प्रोफेशनल वर्क कल्चर, सुरक्षा और एकरूपता बनाए रखने के लिए हैं। कंपनी ने सभी से अपील की कि वे बिना जांचे अप्रमाणित या फर्जी दस्तावेज शेयर न करें। इंडिगो ने कहा कि कंपनी एक समावेशी कार्यस्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और क्रू, ग्राहकों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा एवं भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइंस जैसे क्षेत्र में प्रोफेशनल लुक और व्यक्तिगत धार्मिक आस्था के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है।









