By Election Result: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। प्रशांत को 63,203 वोट, जबकि नीरज कुमार को 44,250 वोट मिले। वहीं, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया। गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा पहले ही जीत दर्ज कर चुकी है।
मांजलपुर सीट का चुनावी इतिहास
परिसीमन के बाद 2008 में बनी मांजलपुर सीट पर शुरू से ही भाजपा का दबदबा रहा है। वडोदरा जिले की इस सीट से दिवंगत भाजपा नेता योगेश पटेल ने 2012, 2017 और 2022 के चुनाव लगातार जीते। इससे पहले वे अविभाजित रावपुरा सीट से 1990 से 2007 तक पांच बार विधायक बने थे। इस तरह उन्होंने गुजरात विधानसभा में 36 साल तक लगातार आठ बार जीत का रिकॉर्ड बनाया। 2022 के चुनाव में उनकी जीत बहुत बड़ी थी। कुल मतदान का करीब 75 प्रतिशत वोट उन्हें मिले थे और जीत का अंतर एक लाख से ज्यादा वोटों का रहा। बाकी वोट कांग्रेस, आप और नोटा में बंट गए थे। इस उपचुनाव में भाजपा के सतीश पटेल और कांग्रेस के भिखाभाई रबारी के बीच मुख्य मुकाबला है।
दतिया सीट का चुनावी इतिहास
दतिया सीट पर 2008 से 2018 तक भाजपा ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की। हर चुनाव के साथ कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ता गया। 2018 में मुकाबला बेहद कड़ा रहा। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा का 15 साल पुराना सिलसिला तोड़ दिया। कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को सात हजार पांच सौ से ज्यादा वोटों से हराया था। इस उपचुनाव में भाजपा के आशुतोष तिवारी, कांग्रेस के घनश्याम सिंह और सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आई किन्नर संजना समेत कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं।
क्यों हुए इन सीटों पर उपचुनाव?
बिहार की बांकीपुर सीट
बांकीपुर सीट पर उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि यहां के विधायक नितिन नवीन अप्रैल में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनके राज्यसभा चले जाने से यह सीट खाली हो गई थी।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट
दतिया में उपचुनाव इसलिए जरूरी हो गया क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दिल्ली की अदालत ने तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अप्रैल में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई।
गुजरात की मांजलपुर सीट
मांजलपुर सीट पर उपचुनाव भाजपा के आठ बार के विधायक और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण हुआ। लंबी बीमारी के बाद 2 जून को उनका निधन हो गया था।







