8 घंटे पहले जन्मी बेटी ने स्ट्रेचर में लेटी मां के साथ तिरंगे में लिपटे पिता को कहा अलविदा, अन्तिम विदाई में फफक पड़े लोग

January 11, 2026 5:56 PM

Indian Army soldier Martyr Funeral: महाराष्ट्र के सातारा जिले के दरे गांव (आरे दरे) में 11 जनवरी 2026 को गहरा शोक छाया रहा, जब भारतीय सेना के जवान प्रमोद परशुराम जाधव का अंतिम संस्कार हुआ। प्रमोद जाधव, जो सिकंदराबाद-श्रीनगर सेक्टर में तैनात थे, पत्नी की डिलिवरी के लिए छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन रोड एक्सीडेंट (टेम्पो और बाइक की टक्कर) में उनकी जान चली गई।

दुखद संयोग यह रहा कि प्रमोद के पार्थिव गांव पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। जहां एक तरफ नए जीवन का आगमन हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ परिवार का एक सदस्य हमेशा के लिए चला गया।अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक पल तब आया, जब डिलिवरी के तुरंत बाद कमजोर हालत में पत्नी को स्ट्रेचर पर लाया गया और सिर्फ 8 घंटे पुरानी नवजात बेटी को मां की गोद में लेकर पिता के अंतिम दर्शन कराए गए।

तिरंगे में लिपटे प्रमोद के सामने मासूम बच्ची खामोश खड़ी थी, जिसने कभी पिता का चेहरा नहीं देखा। इस दृश्य ने मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं। सेना ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। गांववाले, रिश्तेदार, सेना के जवान और प्रशासनिक अधिकारी सभी इस दर्द में शामिल हुए। प्रमोद एक जिम्मेदार पति, होने वाले पिता और परिवार की उम्मीद थे। उनका बलिदान और देशसेवा गांव वालों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी। पूरा गांव आज अपने वीर सपूत को नम आंखों से याद कर रहा है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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