कोलंबो में भारत-पाकिस्तान की ट्रैक-2 बातचीत , हिल्टन में राम माधव और नरवणे ने संभाला मोर्चा, सरकार का इनकार

India-Pakistan

नई दिल्ली। ऑपरेशन  सिंदूर के तनाव के बाद भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan) ने अनौपचारिक ट्रैक-II बातचीत फिर शुरू की। खबर आ रही है कि दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद, सिंधु जल और संकट प्रबंधन तंत्र पर चर्चा की है।

कोलंबो में चल रही भारत-पाकिस्तान ट्रैक-2 (Track-2) अनौपचारिक बातचीत में भारत की तरफ से मुख्य रूप से ​राम माधव पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, बीजेपी और अध्यक्ष, इंडिया फाउंडेशन, ​जनरल एम. एम. नरवणे (पूर्व भारतीय सेना प्रमुख) और ​रुचि घनश्याम (पूर्व भारतीय राजनयिक) शामिल हुए हैं।​

यह बैठक एक वैश्विक थिंक-टैंक द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के इतर हिल्टन होटल में आयोजित की गई थी। यह बातचीत 23 जून से 25 जून के बीच डेढ़ दिन चली।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) me राजनीतिक तनाव के बीच एक दुर्लभ कूटनीतिक घटनाक्रम हुआ है। भारतीय और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों ने कोलंबो में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) द्वारा आयोजित सम्मेलन के दौरान अनौपचारिक ट्रैक-II संवाद किया।

यह पहलगाम आतंकी हमले और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद संबंधों के बिगड़ने के बाद पहली रिपोर्टेड बैकचैनल बातचीत है। हालांकि, नई दिल्ली और इस्लामाबाद दोनों ने इन चर्चाओं को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।

पाकिस्तानी कब्जे वाले काश्मीर में बवाल

कई अंतराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट ने  इसकी रिपोर्ट करते हुए कहा है कि ये ट्रैक-II चर्चाएं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान के कुछ दिन बाद हुईं, जिसमें उन्होंने रावलाकोट और मीरपुर के निवासियों को सही कश्मीरी बताने पर सवाल उठाया था।

PoK के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर-उल-हक ने इसका उग्र जवाब दिया और कहा कि इस्लामाबाद से उन्हें कोई वैलिडेशन की जरूरत नहीं है। इस सार्वजनिक विवाद ने फिर से PoK पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जिसे भारत पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला अपना अभिन्न अंग मानता है।

दोनों देशों के पूर्व राजनयिक और नेता हुए शामिल

कोलंबो में क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान यह संवाद  हुआ, जिसमें दोनों देशों के पूर्व राजनयिक, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, रणनीतिक विशेषज्ञ और राजनेता शामिल हुए। बैंकॉक में एक और दौर की चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रतिभागियों ने कथित तौर पर आतंकवाद, सीमा पार नदियों का पानी, संकट प्रबंधन और भविष्य में सैन्य उपयोग रोकने के तंत्र पर चर्चा की। औपचारिक कूटनीति के विपरीत, ट्रैक-II इंगेजमेंट अनौपचारिक होते हैं और प्रतिभागी अपनी व्यक्तिगत क्षमता में शामिल होते हैं, न कि सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए।

ट्रैक-II कूटनीति क्या है?

ट्रैक-II कूटनीति गैर-सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, नीति विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक संवाद है। ट्रैक-I सरकारी बातचीत के विपरीत, ट्रैक-II चर्चाएं गैर-बाध्यकारी होती हैं और कूटनीतिक गतिरोध के समय संचार चैनल खुले रखने के लिए होती हैं।

भारत और पाकिस्तान ने ऊंचे तनाव के समय ऐसे बैकचैनलों का बार-बार इस्तेमाल किया है, जिससे संघर्ष प्रबंधन पर विचारों का आदान-प्रदान संभव हो सके बिना किसी भी सरकार को नीतिगत फैसले करने की प्रतिबद्धता दिए।

पहलगाम हमले के बाद से ठप्प बातचीत

यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब आधिकारिक भारत-पाकिस्तान संबंध लगभग पूरी तरह ठप पड़े हैं। पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी।

भारत ने इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों से जोड़ा और जवाब में कई कदम उठाएसिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं सस्पेंड करना और कूटनीतिक बातचीत कम करना।

नई दिल्ली का अलग रहा रुख

7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सीमा पार हमले किए गए। दोनों तरफ सैन्य टकराव हाल के वर्षों में सबसे गंभीर था, जिसके बाद दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोक दी।नई दिल्ली का रुख अब भी स्पष्ट है।

आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते। द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर निर्भर करता है।

नए वैश्विक समीकरणों के बीच हो रही बातचीत

ऑपरेशन सिंदूर से पहले द्विपक्षीय व्यापार पहले ही काफी घट चुका था। हालिया आंकड़ों के अनुसार, अब यह लगभग शून्य हो गया है। फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, कृषि उत्पाद और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।भू-राजनीतिक परिदृश्य ये ट्रैक-II बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक बदलावों के बीच हो रही है।

पाकिस्तान ने चीन के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी और मजबूत की है। वहीं, वह वाशिंगटन के साथ संबंध सुधारने की कोशिश भी कर रहा है।भारत के लिए परिदृश्य अलग है।अमेरिका, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा, प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक सहयोग गहरा हुआ है।

सिंधु जल संधि निलंबन, व्यापार का लगभग खत्म होना और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की शर्त के कारण पाकिस्तान के साथ संबंध प्रभावित रहे हैं।

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