रायपुर। फायर एनओसी NOC प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने को लेकर आयोजित QCI–DPIIT फोकस ग्रुप डिस्कशन में एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता एवं सचिव अतुल सिंघानिया ने भागीदारी की। बैठक में फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों, एनओसी प्रक्रिया और अस्पतालों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की गई।
फोकस ग्रुप चर्चा का उद्देश्य फायर एनओसी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को समझना और संबंधित हितधारकों के सुझावों के आधार पर प्रक्रिया में आवश्यक सुधारों की संभावनाओं पर विचार करना था। इस दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन के साथ-साथ एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
AHPI छत्तीसगढ़ की भागीदारी से स्वास्थ्य क्षेत्र की जमीनी जरूरतों और अस्पतालों के व्यावहारिक अनुभवों को चर्चा के मंच पर रखने का अवसर मिला। बैठक में फायर सेफ्टी और नियामकीय प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
चर्चा में यह बात सामने आई कि स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही फायर एनओसी से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता और व्यावहारिकता होने से अस्पतालों को सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिल सकती है।
QCI और DPIIT की इस पहल को उद्योग एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के अनुभवों और सुझावों को नीति एवं प्रक्रिया सुधार के लिए सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।









