सेवानिवृत्ति के 20 वर्ष बाद किताब प्रकाशित कर सकेंगे सेनाधिकारी, सरकार कर रही विचार

February 14, 2026 7:09 PM
Four Stars of Destiny

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित संस्मरण पुस्तक Four Stars of Destiny को लेकर चल रहे विवाद के बीच, केंद्र सरकार वरिष्ठ अधिकारियों जिनमें सैन्य अधिकारी भी शामिल है के लिए सेवानिवृत्ति के बाद पुस्तक प्रकाशित करने से पहले अनिवार्य 20 वर्ष की कूलिंग-ऑफ अवधि पर विचार कर रही है।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नीति पर जल्द ही औपचारिक आदेश जारी होने की संभावना है। हालांकि यह मामला कैबिनेट की आधिकारिक एजेंडा का हिस्सा नहीं था, लेकिन सामान्य चर्चा के दौरान यह उठा।जनरल नरवन ने पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सैन्य तनाव के दौरान हुई संवेदनशील घटनाओं के बारे में दावे किए हैं, जिससे पिछले दो हफ्तों में संसद में काफी विवाद हुआ है।

2 फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुस्तक में वर्णित घटनाओं का जिक्र किया। सरकार ने शुरुआत में आपत्ति जताई क्योंकि पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई थी।इसके जवाब में राहुल गांधी ने संसद में पुस्तक की पांडुलिपि की प्रति लाकर अपने दावों को साबित किया। इसके तुरंत बाद पुस्तक का पीडीएफ संस्करण सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने लगा।

इन घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और पांडुलिपि के अनधिकृत वितरण की जांच शुरू की।प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पुलिस जांच के बाद बयान जारी किया: “वर्तमान में पुस्तक की कोई भी प्रति, पूर्ण या आंशिक रूप से, चाहे प्रिंट, डिजिटल, पीडीएफ या किसी अन्य प्रारूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही हो, यह पेंग्वीन के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

बाद में दिल्ली पुलिस ने प्रकाशक को नोटिस जारी किया और अप्रकाशित पुस्तक के बारे में सवालों के जवाब मांगे तथा जांच में सहयोग करने को कहा। नोटिस में पेंगुइन को जांच में शामिल होने और पांडुलिपि के औपचारिक लॉन्च से पहले उपलब्ध होने की परिस्थितियों की स्पष्टता देने को कहा गया है।

प्रकाशक ने स्पष्टीकरण में कहा कि फिलहाल पुस्तक अप्रकाशित है और रक्षा मंत्रालय से मंजूरी लंबित है। पेंगुइन ने अपने बयान में कहा, “प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया है। यह पाठकों और रिटेलर्स को अग्रिम ऑर्डर देने की अनुमति देता है। पुस्तक अभी प्रकाशित या उपलब्ध नहीं है।”जनरल नरवन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि पुस्तक अभी तक औपचारिक रूप से जारी नहीं हुई है।

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