पुलिस जांच में दोनों परीक्षाओं के पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई, 20 अगस्त की इंटोमोलॉजी परीक्षा पहले ही हो चुकी है रद्द; दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में होंगी
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। कीटशास्त्र यानी इंटोमोलॉजी की परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में पुलिस के खुलासे के बाद अब 7 अगस्त 2026 को आयोजित प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में पेपर लीक से जुड़े तथ्यों का खुलासा होने के बाद विश्वविद्यालय ने 7 अगस्त को हुई प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा को भी रद्द कर दिया है।
दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा पेपर खरीदने वाले 5 छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया है। 11-11 हजार रुपए ने प्रोफेसर ने पेपर था।
इससे पहले 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 इंटोमोलॉजी (कीटशास्त्र) की परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द की गई थी। अब दोनों परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जाएंगी।
पुलिस के खुलासे में सामने आया प्लांट पैथोलॉजी पेपर का मामला
डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला ने बताया कि कीटशास्त्र पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस ने 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया 11-11 हजार रुपए में पेपर बेचे थे। पांच छात्रों ने पेपर खरीदे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा इस पेपर को सोशल मीडिया में वायरल करने वाले दो लोगों की तलाश की जा रही है।
डीसीपी ने बताया कि प्रोफेसर ने अजय नायक को पेपर दिया। इसके बाद अजय ने त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया। इसके बाद पेपर कई छात्रों तक पहुंचा और परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
डीसीपी राजनाला ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान सिर्फ 20 अगस्त की इंटोमोलॉजी परीक्षा तक ही मामला सीमित नहीं रहा। जांच में 7 अगस्त को आयोजित प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने से जुड़े तथ्य भी सामने आए। इसकी सूचना विश्वविद्यालय को दे दी गई है।।
प्रोफेसर पर प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप
डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने बताया कि योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर है। वह परीक्षा से पहले रायपुर स्थित कृषि महाविद्यालय से प्रश्नपत्र प्राप्त करता था। पुलिस का दावा है कि उसने 20 अगस्त की इंटोमोलॉजी परीक्षा के प्रश्नपत्र वाले लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण की मदद से छेद किया और मोबाइल कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की।
इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसे छात्रों को 11 हजार रुपये में बेचने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक यह प्रश्नपत्र आगे कई छात्रों तक पहुंचा और परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामले में प्रोफेसर के अलावा भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के पांच छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल सहित अन्य सामग्री जब्त की है। दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम को जांच में लगाया गया था। रायपुर के अलावा दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में पुलिस टीमों को भेजा गया। साइबर टीम ने वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट की तकनीकी जांच की।
इसी जांच के दौरान पुलिस को प्रश्नपत्र के स्रोत और उसके प्रसारण की कड़ी तक पहुंचने में सफलता मिली। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले हफ्ते में होंगी, 10 सितंबर से पहले जारी होगा रिजल्ट
पुलिस जांच में प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद IGKV ने 7 अगस्त को आयोजित प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा को निरस्त कर दिया है।
विश्वविद्यालय के मुताबिक अब प्लांट पैथोलॉजी और इंटोमोलॉजी दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी। हालांकि नई परीक्षा तारीख अभी जारी नहीं की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जल्द ही नई डेट जारी किए जाने की बात कही गई है।
IGKV ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम जारी करने की समय-सीमा में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय का दावा है कि दोनों परीक्षाएं दोबारा आयोजित करने के बावजूद 10 सितंबर 2026 से पहले परीक्षा परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।
सीएम ने पुलिस खुलासे से पहले ही कर दी थी पेपर लीक की घोषणा
इस पूरे मामले में एक अहम बात यह भी है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस के विस्तृत खुलासे से पहले ही IGKV परीक्षा का पेपर लीक होने की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की और करीब 36 घंटे में मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया।
अब पुलिस की जांच में एक और परीक्षा यानी 7 अगस्त की प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने उस परीक्षा को भी रद्द कर दिया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या दोनों परीक्षाओं के पेपर लीक करने में एक ही नेटवर्क शामिल था और प्रश्नपत्र कितने छात्रों तक पहुंचा था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।










