‘पिंजरा तोड़ो, अपनी आवाज उठाओ’… पुणे में राहुल गांधी ने मधु स्मृति, महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता पर की लंबी बात

Rahul Gandhi

पुणे। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता, शिक्षा, रोजगार, संपत्ति में अधिकार और पितृसत्ता जैसे मुद्दों पर करीब एक घंटे 16 मिनट बात की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हुईं। राहुल ने इस दौरान पांच छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को अक्सर सिर्फ तीन पहचान बेटी, पत्नी और मां के दायरे में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि ये रिश्ते गलत नहीं हैं, लेकिन महिला की पहचान सिर्फ इन्हीं रिश्तों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘आपका अपने पिता, पति और बेटे से रिश्ता है, लेकिन आपकी पहचान उनसे नहीं है। आप खुद अपनी पहचान रखती हैं।’

राहुल गांधी ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों से जोड़कर देखने वाली सोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र होना चाहिए और उन्हें अपने फैसले खुद लेने का अधिकार मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि ‘मनुस्मृति कहती है महिला स्वतंत्र न हो, लेकिन देश की ताकत हैं स्वतंत्र महिलाएं’

उन्होंने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने के चार तरीके हैं… हिंसा, अपमान, समय और नियंत्रण। राहुल ने कहा कि लड़कियों को एक तय समय के बाद घर लौटने के लिए कहा जाता है, जबकि लड़कों को देर रात तक बाहर रहने की ज्यादा आजादी मिलती है।

शिक्षा, नौकरी और संपत्ति में बराबरी की बात

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि वह सोच कहां से आती है, जिसमें लड़के को पढ़ाने और लड़की की पढ़ाई या नौकरी रोकने की मानसिकता होती है। उन्होंने कहा कि शादी और घरेलू काम के कारण बड़ी संख्या में लड़कियों की पढ़ाई छूट जाती है।

उन्होंने दावा किया कि 60 प्रतिशत लड़कियां घर से अकेले बाहर नहीं जा सकतीं और करीब 45 प्रतिशत लड़कियां शादी या घरेलू काम के कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सिर्फ 8 प्रतिशत महिलाओं के पास स्वतंत्र रूप से स्वामित्व वाली संपत्ति है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘अगर आपका भाई हिस्सा मांगता है तो उसे अधिकार कहा जाता है, लेकिन अगर आप हिस्सा मांगती हैं तो उसे हिस्सेदारी कहा जाता है।’

‘बी लाउड, बी प्राउड’ की अपील

राहुल गांधी ने छात्राओं से कहा कि उन्हें डरकर या दबकर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा—“बी लाउड, बी प्राउड एंड फाइट फॉर योरसेल्फ।” उन्होंने महिलाओं से अपनी आवाज बुलंद करने और पितृसत्ता के खिलाफ मिलकर लड़ने की अपील की।

उन्होंने समाज में महिलाओं को सीमित करने वाली सोच को ‘पिंजरा’ बताते हुए कहा कि लड़कियों को इस पिंजरे को तोड़ना होगा।

नेहा राठौर ने भी साझा किया अनुभव

कार्यक्रम में भोजपुरी गायिका नेहा राठौर ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछने पर उन्हें FIR और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ट्रोल करते समय अक्सर उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं।

कार्यक्रम में एक छात्रा ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। राहुल ने कहा कि छात्राओं को अपने प्रदर्शन और आंदोलनों में उन्हें भी बुलाना चाहिए, ताकि उनकी आवाज प्रशासन तक और मजबूती से पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान राहुल ने कहा कि वे राजनीति की बात करने नहीं आए हैं, बल्कि छात्राओं को अपनी बात रखने का मौका देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसके लोगों के सपनों और विचारों में है।

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