Food poisoning in Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश के सरकारी ट्राइबल वेलफेयर आश्रम हाई स्कूल (GTWAHS) के हॉस्टल में रहने वाले आदिवासी छात्रों को शनिवार सुबह नाश्ते में आधे-अधूरे पके इडली परोसने से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हो गए। यह घटना देवरापल्ली गांव के सुननमपाडु पंचायत इलाके में हुई जहां हॉस्टल में रहने वाले 80 से अधिक बच्चे प्रभावित हुए।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, 7 फरवरी की सुबह बच्चों को नाश्ते में इडली के साथ चटनी या सांभर दिया गया था लेकिन इडली ठीक से नहीं पकी थीं, जिसके कारण बच्चों को खाने के कुछ घंटों बाद ही उल्टी, पेट में तेज दर्द, कमजोरी और बुखार जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ने पर तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और सभी प्रभावित छात्रों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
ज्यादातर बच्चों का इलाज रामपचोडवरम एरिया हॉस्पिटल और मारेडुमिल्ली प्राइमरी हेल्थ सेंटर में किया गया। अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। अस्पताल में भर्ती अधिकांश छात्रों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद हॉस्टल के डिप्टी वॉर्डन और कुक को लापरवाही के आरोप में तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खाने के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि बीमारी का सही कारण पता चल सके।
बच्चों के माता-पिता बहुत गुस्से में हैं। उन्होंने हॉस्टल प्रशासन पर बार-बार लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। अभिभावकों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ। एक दिन पहले भी दो बच्चों को इसी तरह के खराब खाने से परेशानी हुई थी। वे मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता सुधारी जाए और नियमित निगरानी बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सीएम ने जिला कलेक्टर से सोमवार 9 फरवरी तक पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उन्होंने विभागीय जांच के अलावा जरूरत पड़ने पर आपराधिक कार्रवाई का भी आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों के इलाज की लगातार मॉनिटरिंग करने और नियमित अपडेट देने के भी निर्देश दिए हैं।











