नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय एजेंसी पर चुनाव से पहले I-PACK कार्यालय पर छापा मारने के पीछे राजनीतिक मंशा रखने का आरोप लगाया।
बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने का आरोप सरासर झूठ है। यह स्पष्ट किया गया कि बनर्जी ने केवल चुनाव संबंधी दस्तावेज लिए थे, जो गोपनीय प्रकृति के थे। इस बीच झारखंड में रांची पुलिस ने भी ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पर छापेमारी की है। खबर है कि बंगाल में ईडी के अधिकारियों पर मुकदमा करने की तैयारी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि आई-पैक द्वारा संभाले गए सभी चुनावी आंकड़े, प्रचार रणनीति और मतदाता जानकारी संवेदनशील और संरक्षित हैं। बनर्जी ने पूछा, “अगर हमारी चुनावी रणनीति लीक हो जाती है, तो हम चुनाव कैसे लड़ेंगे?” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सामग्री का किसी भी वित्तीय जांच से कोई संबंध नहीं है।ईडी ने बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को निलंबित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
इस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए बनर्जी ने पूछा कि ईडी ने आई-पीएसी कार्यालय पर चुनाव से ठीक पहले छापा क्यों मारा, जबकि उसे पता था कि फर्म राजनीतिक परामर्श में लगी हुई थी और उसके पास चुनाव से संबंधित गोपनीय सामग्री थी।
अदालत को संबोधित करते हुए, उनके वकील ने कहा कि ईडी को पता था कि आई-पीएसी चुनाव डेटा और अभियान रणनीति से संबंधित काम करता है, फिर भी उसने छापेमारी की कार्रवाई की, जिससे चुनावी प्रक्रिया के दौरान जांच शक्तियों के दुरुपयोग पर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।











