हथियारों के साथ ITBP जवानों के कानपुर कमिश्नरेट पहुंचने के बाद डिप्टी CM ने दिए हाईलेवल जांच के आदेश

Kanpur

कानपुर। उत्तरप्रदेश के कानपुर में ITBP जवान विकास सिंह की मां का इलाज के दौरान हाथ काटे जाने का मामले के बाद Kanpur Commissionerate में ITBP जवानों की बड़ी संख्या में पहुंचने का मामला अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

अस्पताल पर मेडिकल लापरवाही के आरोपों के बीच अपने साथी को न्याय दिलाने के लिए ITBP के 32वीं बटालियन के करीब 40-50 जवान हथियारों के साथ पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। घटना के बाद पूरे पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया। अब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले में हाईलेवल जांच के आदेश दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और डीजी हेल्थ से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने साफ कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, ITBP प्रतिनिधियों और CMO द्वारा नामित डॉक्टरों की नई संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब मामले की दोबारा विस्तृत जांच होगी और मेडिकल लापरवाही साबित होने पर संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।

ITBP जवान विकास सिंह ने आरोप लगाया है कि 13 मई को उनकी मां निर्मला देवी को सांस लेने में तकलीफ होने पर कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान हाथ में लगाए गए इंजेक्शन और कथित लापरवाही के बाद उनकी मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों को संक्रमण रोकने के लिए 17 मई को उनका हाथ काटना पड़ा।

मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ बर्फ के कंटेनर में लेकर कई दिनों तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। जवान ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन को बचाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर ने जताई नाराजगी

पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर CMO की ओर से पहले जांच कराई गई थी, लेकिन ITBP जवान और उनके साथियों ने रिपोर्ट को ‘गोलमोल’ बताते हुए खारिज कर दिया। आरोप लगाया गया कि अस्पताल को क्लीन चिट देने की कोशिश हो रही है।

इसके बाद शनिवार को ITBP के कमांडेंट गौरव प्रसाद अपने दल-बल के साथ पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने ITBP कमांडेंट से इतनी बड़ी संख्या में जवान लाने पर नाराजगी भी जताई। हालांकि कमांडेंट गौरव प्रसाद ने कहा कि वे कमिश्नरेट का घेराव करने नहीं आए थे और जवान केवल सुरक्षा एस्कॉर्ट का हिस्सा थे।

वहीं ITBP जवान विकास सिंह ने भी कहा कि मीडिया ने मामले को ‘घेराव’ की तरह पेश किया, जबकि वे पहले से तय समय लेकर अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे।

सोशल मीडिया पर कमांडेंट की चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के बाद ITBP कमांडेंट गौरव प्रसाद की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। कई लोग साथी जवान के समर्थन में खड़े होने के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अनुशासन और सिविल प्रशासन में पैरामिलिट्री दखल का मामला भी बता रहे हैं।

फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजर नई जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

यह भी पढ़ें: ITBP के जवानों ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को बनाया बंधक

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