नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। कानपुर में ITBP जवान की मां के इलाज के दौरान हाथ काटे जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में अस्पताल को क्लीन चिट मिलने से नाराज़ ITBP के दर्जनों हथियारबंद जवानों ने कमांडेंट के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच उसको कब्जे में ले लिया। एक घंटे तक चली बैठक के बाद दोबारा जांच के आश्वासन पर तनाव शांत हुआ।
दअरसल महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात ITBP कांस्टेबल विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को सांस लेने की तकलीफ के कारण टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।परिवार का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें पारस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां 17 मई को डॉक्टरों को उनका दायां हाथ काटना पड़ा।

आज क्या हुआ?
विकास सिंह लगातार न्याय की मांग कर रहे थे।20 मई को वे मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे।स्वस्थ्य विभाग की रिपोर्ट में अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने पर ITBP नाराज हो गया।
शनिवार को ITBP के कमांडेंट गौरव प्रसाद, लाइनिंग अफसर अर्पित और 50 से ज्यादा हथियारबंद जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे।पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। जवानों को देखकर सुरक्षा बल भी अलर्ट हो गए।
ITBP अधिकारियों ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट में संक्रमण फैलने का कारण और मरीज की हालत गंभीर होने का जवाब नहीं दिया गया।अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने कहा: “पीड़ित पक्ष रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। इसलिए सीएमओ को दोबारा जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। यदि किसी की लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”







