दीवाली के बीच दिल्ली की हवा हुई जहरीली,कई इलाकों में AQI 300 के पार, GRAP-2 नियम लागू

October 20, 2025 12:24 PM

Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी तेजी से खराब हो रही है। दीवाली के ठीक पहले ही प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह दिल्ली का औसत AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 273 पर पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में है। ऐसे में सरकार ने GRAP-2 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। ये नियम प्रदूषण को काबू में करने के लिए जरूरी हैं, ताकि लोग सांस लेने में दिक्कत न महसूस करें।

क्यों बिगड़ रही है हवा की गुणवत्ता?

दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, लाल किला और कनॉट प्लेस में AQI 300 से ऊपर चढ़ गया है, जो ‘गंभीर’ स्तर की ओर इशारा कर रहा है। राजधानी के नौ इलाकों में तो यह 300-400 के बीच पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कें बनाने का काम, खेतों में पराली जलाना और मौसम का बदलाव इसके मुख्य कारण हैं। खासकर सुबह-शाम की ठंडक ने प्रदूषण को और गहरा कर दिया है।

GRAP-2 के तहत क्या-क्या बदलाव?

प्रदूषण रोकने के लिए GRAP-2 के नियम आज से लागू हो चुके हैं। ये कदम आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने पर फोकस करते हैं।
यहां मुख्य बदलावों की लिस्ट है:
-डीजल जनरेटर पर ब्रेक: बिजली कटने पर डीजल से चलने वाले जनरेटर बंद रहेंगे।=
-पार्किंग महंगी: प्राइवेट कारों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया जाएगा। इससे लोग ज्यादा गाड़ियां चलाने से बचेंगे।
-बसें और मेट्रो ज्यादा चलेंगी: CNG और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही मेट्रो की फ्रीक्वेंसी भी तेज होगी, ताकि ट्रैफिक कम हो।
-सिक्योरिटी गार्डों के लिए हीटर: रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को निर्देश है कि वे अपने गार्डों को हीटर दें। इससे वे ठंड से बचने के लिए कूड़ा, लकड़ी या कोयला नहीं जलाएंगे।
-नैचुरल गैस, बायोगैस या LPG से चलने वाले जनरेटर पर कोई रोक नहीं होगी।

ये कदम प्रदूषण को तुरंत कम करने के लिए उठाए गए हैं। दिल्ली सरकार और CPCB लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि हालात बेकाबू न हों।

दिवाली के बाद क्या होगा?

चिंता की बात ये है कि दिवाली के बाद स्थिति और खराब हो सकती है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) के मुताबिक, 21 अक्टूबर से प्रदूषण ‘खतरनाक’ लेवल पर पहुंच सकता है। अगले छह दिनों तक AQI ‘खराब’ से ‘खतरनाक’ के बीच घूमता रहेगा। पिछले सालों में पटाखे, पराली जलाना और खराब मौसम ने हवा को जहर बना दिया था। लेकिन इस बार पंजाब में बाढ़ की वजह से फसल कटाई लेट हो गई है, इसलिए पराली का धुआं दिवाली के दौरान थोड़ा कम रह सकता है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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