मुंबई। टाटा ग्रुप के मुख्य ट्रस्ट सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के वाइस चेयरमैन विजय सिंह (Vijay Singh) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व रक्षा सचिव सिंह का मौजूदा कार्यकाल 14 अगस्त को खत्म हो रहा है। उन्होंने अगला कार्यकाल नहीं लेने का फैसला किया है। हालांकि, वह टाटा ग्रुप के दूसरे प्रमुख ट्रस्ट सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) में ट्रस्टी बने रहेंगे।
SRTT और SDTT के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। विजय सिंह का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है, जब टाटा ट्रस्ट्स में आंतरिक मतभेद और रेगुलेटरी विवाद चल रहे हैं।
दरअसल, महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने मई में SRTT की प्रस्तावित बैठक पर रोक लगा दी थी। यह कार्रवाई महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट में हुए उस संशोधन से जुड़े विवाद के बाद हुई, जिसमें किसी ट्रस्ट के बोर्ड में लाइफ या परपेचुअल ट्रस्टियों की संख्या 25% तक सीमित कर दी गई है। यह संशोधन 1 सितंबर 2025 से लागू हुआ था।
SRTT का तर्क है कि यह नियम भविष्य में होने वाली नियुक्तियों पर लागू होना चाहिए और कानून लागू होने से पहले नियुक्त किए गए स्थायी ट्रस्टियों पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए। ट्रस्ट ने रोक हटाने की मांग की है। उसका कहना है कि पाबंदी जारी रहने से करीब 400 करोड़ रुपए की परोपकारी ग्रांट प्रभावित हो सकती हैं।
SRTT मई से बैठक नहीं कर पाया है। इससे 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की AGM में ट्रस्ट की भागीदारी और वोटिंग को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। AGM में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर विचार होना है।
विजय सिंह का इस्तीफा टाटा ट्रस्ट्स में रतन टाटा के निधन के बाद सामने आए मतभेदों के बीच हुआ है। अक्टूबर 2025 में रतन टाटा के करीबी सहयोगी मेहली मिस्त्री का कार्यकाल नहीं बढ़ाए जाने के बाद ट्रस्ट के भीतर विवाद सार्वजनिक हुआ था। मिस्त्री ने बाद में कई टाटा ट्रस्टों से इस्तीफा दे दिया था और गवर्नेंस से जुड़े सवाल उठाए थे, जिन्हें टाटा ट्रस्ट्स ने खारिज किया था।









