भूपेश सरकार में पॉवरफुल कलेक्टर रहीं निलंबित IAS रानू साहू को बिलासपुर हाईकोर्ट से झटका

Ranu Sahu

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित कोयला घोटाले से जुड़े मामले में निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू (Ranu Sahu) को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उनकी संपत्ति अटैच करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रानू साहू और उनके करीबियों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को अटैच किया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कुल 9 याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की गई थीं।

हाईकोर्ट ने ED की कार्रवाई को वैध ठहराते हुए स्पष्ट किया कि अपराध से पहले खरीदी गई संपत्तियां भी अटैच की जा सकती हैं, यदि उनका संबंध अवैध कमाई से जुड़ा पाया जाता है। ED द्वारा की गई जांच और संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया कानून के दायरे में है।

2018 से 2023 में भूपेश सरकार में पॉवरफुल कलेक्टर रहीं रानू साहू पर आरोप है कि उन्होंने कोरबा और रायगढ़ में कलेक्टर रहते हुए कथित कोयला सिंडिकेट को संरक्षण दिया और अवैध वसूली में संलिप्त रहीं।

यह निर्णय न सिर्फ रानू साहू के लिए बल्कि देशभर में चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ED को यह स्पष्ट कानूनी मजबूती मिलती है कि संदिग्ध संपत्तियों पर कार्रवाई का दायरा व्यापक है।

यह भी पढ़ें: जग्गी हत्याकांड में पूर्व CM के बेटे को सुप्रीम राहत, SC ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा – यह कैसा फैसला

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now