रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026, 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र के दौरान 24 फरवरी को राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन के पटल पर अपनी सरकार का तीसरा बजट पेश करेंगे।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट को लेकर कहा है कि यह उनकी सरकार का तीसरा बजट होगा, जिसे नई थीम और नए विजन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बजट की रणनीति वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप तैयार की गई है।
मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और राज्य नेतृत्व के मार्गदर्शन में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ‘विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट’ की दिशा में यह बजट एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ओपी चौधरी के अनुसार, बजट में वर्ष 2047 को लक्ष्य बनाकर लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म प्लानिंग दोनों को शामिल किया गया है और इसमें स्पष्ट रोडमैप नजर आएगा।
बजट को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व में राजीव गांधी योजना के तहत चार किस्तों में राशि दी जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार हर साल उससे अधिक राशि दे रही है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में जितनी राशि नहीं दे पाई, उससे अधिक राशि उनकी सरकार दे रही है। मंत्री के अनुसार, हर वर्ष करीब 8000 करोड़ रुपये माता-बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
ओपी चौधरी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है, जबकि सरकार विकास कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि सरकार की विकासपरक नीतियां विपक्ष को स्वीकार नहीं हो रही हैं।











