बस्तर। छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन (Anti Naxal Operation) के बीच फोर्स और माओवादियों के बीच फिर से मुठभेड़ हु़ई है। इस बार मुठभेड़ दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर में मिरतुर थाना क्षेत्र में हुई है। इस मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे जा चुके हैं। वहीं करीब 3 जवान शहीद हो गए हैं। 12 नक्सलियों के शव फोर्स ने बरामद कर लिया गया है।
माओवादी कैडरों के शव बरामद करने के अलावा LMG machine gun, SLR राइफलें, INSAS राइफलें और .303 राइफलें बरामद किए गए। बीजापुर DRG के 3 जवान शहीद हुए हैं। उनमें प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और रमेश सोड़ी शहीद हुए हैं।
बीजापुर DRG के 02 जवान घायल, लेकिन खतरे से बाहर हैं। वर्तमान में क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। अतिरिक्त रीइन्फोर्समेंट टीमें भेजी गई हैं। फोर्स की बल संख्या पर्याप्त है तथा क्षेत्र को कॉर्डन कर सर्चिंग जारी है।
ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है।
दंतेवाड़ा डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि, पिछले दो घन्टे से मुठभेड़ जारी है। इस दौरान अब तक 6 माओवादी मारे गए हैं, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं मुठभेड़ में एक DRG जवान के शहीद और एक घायल हो गया है।
मुठभेड़ बीजापुर के गंगालूर के जंगलों में चल रही है। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जवानों ने बड़ी संख्या में नक्सलियों को घेर रखा है। अभी भी मुठभेड़ चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, DRG, STF और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम वेस्ट बस्तर डिवीजन में सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी। इसी दौरान जंगल में पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ अभी भी जारी है और इलाके को घेरकर अतिरिक्त बल भेजा जा रहा है।
यह मुठभेड़ ऐसे समय हो रही है जब सुरक्षा बलों ने अभी 16 दिन पहले ही देश के सबसे खतरनाक नक्सली कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा को मार गिराया था। 18 नवंबर को छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश बॉर्डर के मरेडमिल्ली जंगल में हिड़मा और उसकी पत्नी समेत 5 नक्सली ढेर हुए थे।
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