Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज पुरनिया में कोचिंग भवन में लगी भीषण आग में 15 युवाओं की मौत के बाद घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक शोकसंतप्त महिला अपनी बात कह रही थी। उसी दौरान PTI न्यूज एजेंसी के लाइव वीडियो में अचानक उस महिला की आवाज़ म्यूट कर दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और PTI की कड़ी आलोचना हो रही है।
महिला ने खुद को बलरामपुर जिले की रहने वाली बताया और कहा, “योगी जी हम भाजपा सपोर्टर हैं…”। इसके तुरंत बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ज्यादा भाषण मत दो”। महिला कुछ और कहने की कोशिश कर रही थी, तभी PTI के वीडियो में उसकी आवाज़ गायब हो गई। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या पीड़िता कुछ ऐसी बात कह रही थी जिसे जनता तक पहुंचने से रोका गया? PTI की ओर से इस म्यूटिंग पर अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
अग्निकांड की पूरी घटना
सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे पुरनिया क्षेत्र में रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट वाली तीन मंजिला इमारत में आग लग गई। इस हादसे में ज्यादातर 20-30 साल के छात्र और कोचिंग स्टाफ की मौत हो गई। मौत का मुख्य कारण धुएं से दम घुटना बताया जा रहा है।
लापरवाही के बड़े आरोप
इमारत अवैध थी। 2016 में इसे गिराने का आदेश आया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इमारत में फायर सेफ्टी, फायर एग्जिट या कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने इमारत मालिक वीरेंद्र शुक्ला, कोचिंग संचालक और अन्य तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गैर इरादतन हत्या (304-A) का मामला दर्ज किया गया है। LDA के 4 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।
सरकार की कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा गंभीर घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया। 2 सदस्यीय SIT गठित की गई है, जो 7 दिनों में रिपोर्ट देगी। सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
PTI वीडियो विवाद के चलते अब सवाल उठ रहे हैं कि आग की त्रासदी के बीच पीड़ित परिवारों की आवाज़ को कितना महत्व दिया जा रहा है। The Lens इस मामले पर नजर रखे हुए है और आगे की अपडेट्स लाता रहेगा।











