बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत गुरुवार, 22 अक्टूबर को दो दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे। वे नागपुर से गोंडवाना एक्सप्रेस के जरिए शाम करीब 4 बजे रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां संघ पदाधिकारियों के साथ जिला कलेक्टर और एसएसपी ने उनका स्वागत किया। उनके आगमन को देखते हुए स्टेशन और कोनी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। इस बार संघ का वार्षिक प्रांत प्रवास रायपुर के बजाय बिलासपुर में आयोजित किया गया है।
आज बौद्धिक वर्ग में युवाओं की भागीदारी पर जोर
मोहन भागवत शाम 7 से 8 बजे तक कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे। इसमें संघ के स्वयंसेवकों के अलावा भाजपा और अन्य आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में सामाजिक गतिविधियों के साथ युवाओं को संगठन से जोड़ने और उनकी भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। भागवत इसी परिसर में रात्रि विश्राम करेंगे।
शुक्रवार को प्रांत कार्यकारिणी की बैठक
23 अक्टूबर को संघ की आंतरिक बैठकें होंगी, जिनमें प्रदेशभर के प्रांत और विभाग स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। भाजपा और अन्य आनुषंगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को इनमें प्रवेश नहीं मिलेगा। बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की प्रगति, स्थानीय इकाइयों के कामकाज और आगामी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
रायपुर और बिलासपुर में बन सकती हैं दो अलग इकाइयां
इस दौरे के बीच छत्तीसगढ़ में संघ के संगठनात्मक पुनर्गठन की चर्चा है। प्रस्ताव के मुताबिक, बिलासपुर और सरगुजा को मिलाकर एक इकाई, जबकि रायपुर, दुर्ग और बस्तर को मिलाकर दूसरी इकाई बनाई जा सकती है। वर्तमान में प्रदेश में 11 विभाग हैं। नई व्यवस्था में छह विभाग रायपुर और पांच बिलासपुर के अंतर्गत रखे जाने की संभावना है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर संघ की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।









