यूपी के हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत

UP Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे अचानक गिर गया। इस हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य मजदूरों को मलबे में फंसे हालत में निकाला गया। उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक धर्मवीर सिंह ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण पुल का स्लैब गिरा। मौसम विभाग के अनुसार उस समय हवा की रफ्तार 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा थी। मजदूर उस समय पुल के नीचे आराम कर रहे थे। हादसा जिले के ललपुरा इलाके में हुआ, जो हमीरपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर है। SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम ने साढ़े सात घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीन मजदूरों को बचाया। मारे गए मजदूरों में 4 बांदा जिले और 2 हमीरपुर जिले के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। घायल मजदूरों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह 700 मीटर लंबा दो लेन का पुल है। मोराकांड और कुरारा गांव के बीच बन रहा है। निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। कुल लागत 90 करोड़ रुपये, पूरा होने की समयसीमा दिसंबर 2026है।

लापरवाही के आरोप

स्थानीय लोगों और नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप निषाद ने कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद रात में मजदूरों से काम कराया जाना लापरवाही है। ठेकेदार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। भाजपा सांसद बृजलाल ने कहा, ‘यह बहुत दुखद घटना है। सरकार पूरी जांच कराएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।’ रेस्क्यू में शामिल एक मजदूर का बयान ‘ पुल पर दो शिफ्ट में काम चल रहा था। आंधी आने पर हम पुल पर लेट गए थे। अचानक स्लैब गिर गया।’

पिछले कुछ वर्षों में यूपी में पुल हादसे:

मार्च 2026: चंदौली में रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा (कोई मौत नहीं)।
अप्रैल 2025: महाराजगंज और बिजनौर में ओवरब्रिज हादसे।
2018: वाराणसी में फ्लाईओवर हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी।

प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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