Twisha Sharma Death Case: भोपाल के कटारा हिल्स में 12 मई को हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह (ट्विशा की सास) की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने देर रात 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया।
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध सबूत और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं था। कोर्ट ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
मुख्य बातें:
शव पर फांसी के अलावा कई अन्य चोटों के निशान मिले थे।
ये चोटें सिर्फ शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं आई थीं।
आरोपी पक्ष इन चोटों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
आरोपी पक्ष ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया।
मीडिया में बयान देकर ट्विशा की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा की मौत हो गई। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि ट्विशा के मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह, सास गिरिबाला सिंह और अन्य पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का आरोप है कि ट्विशा पर गर्भपात का दबाव बनाया जा रहा था, दहेज की मांग की जा रही थी और लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
24 मई को दिल्ली AIIMS की टीम ने भोपाल AIIMS में ट्विशा का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया। 12 दिन बाद 24 मई को भदभदा श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने मुखाग्नि दी। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।
पति समर्थ सिंह CBI की हिरासत में
पति समर्थ सिंह को अदालत में पेश किए जाने के बाद CBI ने अपनी हिरासत में ले लिया है। कोर्ट ने उसे 29 मई 2026 तक CBI रिमांड पर भेजा है। CBI टीम समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है।
हाईकोर्ट में क्या-क्या दलीलें दी गईं?
सरकार और ट्विशा परिवार की दलीलें: व्हाट्सएप चैट्स में गर्भपात का दबाव और मानसिक प्रताड़ना साफ दिख रही है। आरोपी पक्ष प्रभावशाली है और जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। गहन जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
आरोपी पक्ष की दलीलें: ट्विशा ने खुद आत्महत्या की। घटना के बाद तुरंत मेडिकल मदद दी गई। पुलिस ने उसी दिन मोबाइल और DVR जब्त कर लिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्या होगा?
गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खत्म हो गई है। CBI अब उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। CBI जांच तेज करेगी, मोबाइल चैट्स, CDR, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट की गहराई से जांच शुरू किया जाएगा इधर आरोपी पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।











