असम में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से भी वंदे मातरम गायब

लेंस न्यूज। असम में BJP नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका लगातार दूसरा कार्यकाल है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत BJP-NDA के बड़े नेता शामिल हुए। कार्यक्रम भव्य रहा, लेकिन इस बार भी वंदे मातरम Vande Mataram गायब रहा। समारोह में केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया।

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गृह मंत्रालय ने फरवरी 2026 में साफ दिशा-निर्देश जारी किए थे कि शपथ ग्रहण जैसे सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले पूरे 6 छंदों वाला वंदे मातरम (3 मिनट 10 सेकंड) अनिवार्य रूप से बजाया जाए। लेकिन असम के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी BJP शपथ ग्रहण समारोहों में वंदे मातरम नहीं बजाया गया। वहीं, तमिलनाडु में 10 मई को थलापति विजय के शपथ ग्रहण में केंद्र के प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया गया। वंदे मातरम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत है, जिसे BJP अक्सर चुनावों में राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा प्रतीक बताती रही है।

BJP ने बंगाल चुनाव से पहले इसे लेकर खूब राजनीति की। संसद में विशेष चर्चा हुई, पीएम मोदी और अमित शाह ने भाषण दिए। लेकिन सत्ता मिलते ही स्थिति बदल गई।

असम (12 मई 2026) — शपथ ग्रहण से वंदे मातरम गायब
पश्चिम बंगाल — BJP शपथ ग्रहण में वंदे मातरम नहीं बजाया गया
बिहार — सम्राट चौधरी के 8 मई कैबिनेट विस्तार में सिर्फ राष्ट्रगान बजाय गया, राष्टगीत नहीं
उत्तर प्रदेश — मंत्रिमंडल विस्तार में भी वंदे मातरम भुला दिया गया

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गौरतलब है की हिमांता बीजेपी में जाने के बाद केवल हिंदुत्व की राजनीति कर रहे हैं मुस्लिम विरोधी बयान से काफी चर्चा में रहें है इस दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने 2016 से असमिया राष्ट्रवाद को हिंदुत्व के साथ जोड़कर राजनीति भी करते रहें हैं…और 2026 चुनाव में BJP को तीसरी बार जीत मिली। लेकिन अब जब शपथ ग्रहण का मौका आया तो वंदे मातरम याद ही नहीं रहा।

इसके पहले भी संसद में विपक्ष ने आरोप लगाए हैं कि BJP के लिए वंदे मातरम चुनावी हथियार है,,, द लेंस ने इसके पहले भी दिखाया था कि किस तरह से बीजेपी बंगाल में उत्तर प्रदेश में और बिहार में वंदे मातरम भूल गई और अब ये सिलसिला असम में भी जारी रहा।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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