लेंस डेस्क। पांच राज्यों के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम (Election Results 2026) सामने आ चुके हैं। तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, असम और सबसे ज्यादा चर्चित रहा पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल में तीन चुनाव बाद सत्ता परिर्वन हुआ। टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा और बीजेपी पूर्ण बुहुमत के साथ सरकार बना रही है। इन चुनावों ने कई पुरानी दीवारें तोड़ी हैं, सत्ता परिवर्तन हुए हैं और कई दिग्गज चेहरों को करारी हार मिली है।
294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया। ट्रेंड्स और रिजल्ट्स के मुताबिक बीजेपी 190-200+ सीटों के पार पहुंच गई, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस दहाई सीटों के आसपास सिमटी दिखाई दी। खुद ममता बनर्जी अपने गढ़ भवानीपुर से चुनाव हार गई हैं। उन्हें कभी उनकी सरकार में नंबर दो रहे शुभेंदु अधिकारी ने हराया, जिन्होंने पिछली बार यानी कि 2021 में भी नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था।
यह 2011 से चली आ रही ममता बनर्जी की सत्ता का अंत है। तनाव, आरोप-प्रत्यारोप और हिंसा की खबरों के बावजूद मतदाताओं ने बदलाव चुना। 92 फीसदी मतदान और ग्रामीण इलाकों में बीजेपी की बढ़त ने खेल पलट दिया। शुभेंदु अधिकारी जैसे चेहरे मजबूत रहे।
नतीजे साफ होने के बाद ममता बनर्जी ने बड़ा आरोप लगाया कि 100 से ज्यादा सीटें बीजेपी ने लूट ली। उन्होंने कहा कि उन्हें धक्का दिया गया, लात मारी गई। चुनाव आयोग पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। केंद्रीय बलों और केंद्र सरकार पर उठाए सवाल। बीजेपी की जीत को अनैतिक बताया।
वहीं, बीजेपी की जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गंगा से लेकर गंगा सागर तक बीजेपी जीत गई। उन्होंने पश्चिम बंगाल को हिंसा मुक्त करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीजेपी जीती है, बदला नहीं बदलाव की बात होनी चाहिए, भय नहीं भविष्य की बात होनी चाहिए।
मोदी की बदला नहीं वाली बात से पहले ही पश्चिम बंगाल में हिंसा का दौर शुरू हो चुका था। कई जिलों में टीएमसी के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं।
पश्चिम बंगाल के बाद अगर उसके पड़ोसी राज्य असम की बात करें तो 126 सीटों वाले असम में बीजेपी ने तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में पार्टी लगभग 80 सीटें जीत रही हैं। साथ ही एनडीए 100+ के पार। कांग्रेस काफी पीछे रह गई। विकास, डबल इंजन सरकार और स्थानीय मुद्दों ने काम किया। कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई कांग्रेस नेता हारे।
तमिलनाडु में TVK का तूफान चला। 234 सीटों में अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम ने डेब्यू में ही धमाल मचा दिया। TVK 100-110 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। TVK को बहुमत के लिए 118 की जरूरत है। कांग्रेस ने समर्थन का ऐलान कर दिया है। सत्तारूढ़ DMK दूसरे नंबर पर है, जबकि AIADMK तीसरे स्थान पर खिसक गई। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट पर TVK के वी.एस. बाबू से हार गए। वहीं विजय खुद पेराम्बुर से जीते हैं।
केरल में 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। 140 सीटों में कांग्रेस-नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने भारी जीत हासिल की। गठबंधन को 97-102 सीटें। सत्तारूढ़ LDF 35-40 सीटों पर सिमट गया। अभी तक के नतीजों में BJP नीत NDA गठबंधन को 2-3 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन धरमादम में ट्रेल कर रहे या हारे। LDF की कई पारंपरिक सीटें गईं।
30 सीटों वाले पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन ने बहुमत हासिल किया। 17 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की। CM रंगासामी थत्तांचावडी चुनाव जीत चुके हैं। कांग्रेस-DMK गठबंधन को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।











