लेंस डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 11 बजे तक पूरे क्षेत्र में औसतन 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं शाम तीन बजे तक के आंकड़ों के अनुसार 78.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। शाम 6 बजे तक के आए आंकड़ों के मुताबिक 92 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। शाम 6 बजे के बाद बूथ के गेट बंद कर दिए गए। मतदान केंद्र के अंदर जो मतदाता मौजूद हैं, उन्होंने 6 बजे बाद भी मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। दक्षिण 24 परगना जिले में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार की कार पर हमला किया गया, जिसमें उनके वाहन के शीशे तोड़ दिए गए और उनके सुरक्षाकर्मी की बंदूक छीनने की कोशिश की गई।
नादिया के छपरा में BJP पोलिंग एजेंट पर TMC कार्यकर्ताओं द्वारा लाठी-रॉड से हमले का आरोप लगाया गया है। हुगली जिले के खानकुल में नकली पोलिंग एजेंट बैठाने के विवाद को लेकर TMC और ISF समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। इसी बीच हावड़ा के बाली में EVM में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद CRPF जवानों ने दो लोगों को हिरासत में लिया।बता दें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में इन 142 सीटों में से 123 पर TMC ने जीत हासिल की थी। पहले चरण में 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान हुआ था। पूरे चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता के मित्रा इंस्टीट्यूशन मतदान केंद्र पर वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि डराने या दबाव बनाने की कोशिशों का कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण में भाजपा कमजोर पड़ी है और दूसरे चरण में भी उसे करारा झटका लगेगा। साथ ही केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों पर अधिकार सीमा से बाहर जाकर काम करने का आरोप भी लगाया।
इधर भवानीपुर सीट पर राजनीतिक रूप से अहम तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार सुबह से ही विभिन्न बूथों का दौरा करती नजर आईं। आमतौर पर मतदान के दिन वह घर से ही हालात की निगरानी करती रही हैं, लेकिन इस बार उन्होंने खुद मैदान में उतरकर मतदान केंद्रों का जायजा लिया, जिसे राजनीतिक हलकों में खास संकेत माना जा रहा है।

हावड़ा के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रभावित हुआ। जानकारी के अनुसार मशीन में दिक्कत आने से प्रक्रिया कई बार रुकी और अंततः सुबह करीब 8:30 बजे मतदान सुचारु रूप से शुरू हो सका। इस दौरान कुछ देर अफरा-तफरी की स्थिति बनी, जिसे सुरक्षा बलों ने नियंत्रित किया।

मतदाताओं का कहना है कि वे सुबह से लाइन में खड़े थे, लेकिन मशीन खराब होने के कारण इंतजार करना पड़ा। बाद में ईवीएम ठीक होने के बाद मतदान दोबारा शुरू कराया गया और केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी रही।











