नई दिल्ली। बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने बुधवार को 2006 मालेगांव ब्लास्ट केस में चार आरोपियों को बरी कर दिया और स्पेशल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को खारिज कर दिया।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चंदक की बेंच ने चार आरोपियों राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवारिया और लोकेश शर्म द्वारा दायर अपीलों को मंजूर कर दिया।
ये अपीलें स्पेशल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ थीं जिसमें उन पर आरोप तय किए गए थे।पिछले साल सितंबर में स्पेशल कोर्ट (एनआईए कोर्ट) ने इन चारों पर आरोप तय किए थे, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने अब उन अपीलों को स्वीकार करते हुए सभी चारों को केस से बरी कर दिया और उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को समाप्त कर दिया।
8 सितंबर 2006 को महाराष्ट्र के मालेगांव में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इन धमाकों में 31 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। शुरुआत में महाराष्ट्र एटीएस ने जांच की थी, बाद में मामले को एनआईए को सौंप दिया गया।एनआईए ने 2013 में इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वे छह साल जेल में रहे, जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने जून 2019 में उन्हें जमानत दे दी थी।
स्पेशल कोर्ट ने इन चारों पर आईपीसी की धाराओं के तहत हत्या और आपराधिक षड्यंत्र तथा यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। लेकिन हाईकोर्ट ने पाया कि एनआईए पर्याप्त और विश्वसनीय सबूत पेश करने में नाकाम रही इसलिए आरोप रद्द कर दिए गए।इस फैसले के साथ अब इस केस में इन चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पूरी तरह बंद हो गया है।
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