Manipur में मशाल लेकर महिलाएं निकली सड़क पर, NRC लागू करने की मांग

Manipur राज्य में जारी अशांति और हिंसा के बीच कोइरेंगेई अवांग अपुनबा मीरा पाइबी ने रविवार शाम इम्फाल ईस्ट में सैकड़ों महिलाओं के साथ एक विशाल विरोध रैली निकाली। महिलाएं सड़कों पर उतरकर अपनी सुरक्षा, शांति और कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर सरकार से अपील की।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से चार बड़े मुद्दों पर जोर दिया:
आगामी जनगणना से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को तुरंत लागू किया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर लोगों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
कथित नार्को-आतंकवादी गतिविधियों पर सेना द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाए।
आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) के पुनर्वास को तत्काल रोक दिया जाए।

महिलाओं ने राज्य में चल रहे छद्म युद्ध (proxy war) को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल किसी भी गैरकानूनी या नार्को-आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बहाल करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और सुरक्षा बलों को और सख्त कदम उठाने चाहिए।

महिलाओं की चिंता

रैली के दौरान महिलाओं ने राज्य में बढ़ती अशांति को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आम लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी समस्या बन गई है। मीरा पाइबी की सदस्यों ने जोर देकर कहा कि शांति स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को ठोस और तत्काल कार्रवाई करनी होगी।एक दिन पहले हुई हिंसक घटनाइस प्रदर्शन से एक दिन पहले शनिवार को राज्य में हिंसा की एक और घटना ने तनाव बढ़ा दिया था।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-202 के इम्फाल-उखरुल खंड पर संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में एक सेवानिवृत्त सैनिक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे उखरुल जिले के टीएम कसोम गांव के पास यह हमला हुआ। मृतकों की पहचान SW चाइनाोशांग (46 वर्ष, नागा रेजिमेंट से सेवानिवृत्त) और यारुइंगम वाशुम (42 वर्ष) के रूप में हुई। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की और सुरक्षा बलों को दोषियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।

मणिपुर में पिछले कई महीनों से जातीय तनाव, हिंसा और राजमार्गों पर ब्लॉकेड जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। मीरा पाइबी जैसी महिलाओं की पारंपरिक संगठन अक्सर शांति, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। इस रैली में उठाई गई मांगें राज्य की वर्तमान स्थिति को दर्शाती हैं, जहां लोग NRC, राजमार्ग सुरक्षा और नार्को-आतंकवाद जैसे मुद्दों पर सरकार से त्वरित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।अभी तक राज्य सरकार या केंद्र की ओर से इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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