नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा (West Bengal Assembly) ने सोमवार को दो संशोधन विधेयक पास कर दिए, जिनके तहत अन्य पिछड़ा पिछड़ा आरक्षण कानूनों में बदलाव किया गया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मई 2024 के आदेश के अनुसार विभिन्न मुस्लिम समुदायों को OBC सूची से हटा दिया गया है।
बदल दिया 1993 का कानून
इन संशोधनों के साथ OBC के लिए आरक्षण कोटा भी 10 फीसदी से घटाकर 7 फ़ीसद कर दिया गया है और OBC श्रेणियों को पुनर्गठित किया गया है। साथ ही, पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित 1993 के कानून में भी संशोधन किया गया है
अब केवल 66 ओबीसी समुदाय
भाजपा सरकार ने मई में इन बदलावों को अधिसूचित कर दिया था, लेकिन अब विधानसभा में कानूनों में संशोधन पास किया गया।उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक केवल 66 OBC समुदायों को बनाए रखा गया है, जो 2010 से पहले राज्य OBC सूची में शामिल थे और जिनकी सर्वेक्षण के आधार पर जांच हुई थी।
77 मुस्लिम समुदाय आरक्षण से बाहर
पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान बिना सर्वेक्षण के जोड़े गए 77 मुस्लिम समुदायों को हटा दिया गया।पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री गौरीशंकर घोष ने विधानसभा में कहा कि पूर्व सरकार ने आयोग को पूरी तरह बायपास कर केवल मुस्लिमों को फायदा पहुंचाने के लिए OBC सूची में समुदाय जोड़े थे।
नए आरक्षण में ऐसे होगा जातीय विभाजन
अब आयोग सर्वेक्षण कर असली OBC की स्थिति जांचेगा और फर्जी OBC प्रमाणपत्र जारी होने पर रोक लगेगी । पहले SC के लिए 22 फीसदी, ST के लिए 6 फीसदी, OBC-A 10 फीसदी, OBC-B 7 फीसदी था। अब OBC कोटा घटने से कुल आरक्षण में 3 फीसदी की कमी आई है।यह बदलाव कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2024 के आदेश पर आधारित हैं, जिसे भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के तुरंत बाद लागू किया।
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