नई दिल्ली। NEET छात्रा की मौत और पप्पू यादव (Pappu Yadav) की गिरफ्तारी से बिहार सहमा हुआ है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी के पीछे जो वजह बताई जा रही है, वह NEET छात्रा की ही मौत से जुड़ी हुई है।
बिहार की राजधानी पटना में जहां लाखों छात्र-छात्राएं मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी के लिए आते हैं, वहां हाल ही में घटी एक दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। NEET की तैयारी करने वाली एक छात्रा जो जहानाबाद जिले की निवासी थी, की पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभु गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध मौत हो गई।
यह घटना 6 जनवरी 2026 को हुई, जब छात्रा को उसके हॉस्टल के कमरे में बेहोश पाया गया। उसे कई निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन 11 जनवरी 2026 को कोमा में रहने के बाद उसकी मौत हो गई।
शुरुआत में पटना पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया, दावा किया कि छात्रा ने नींद की गोलियां खाकर खुदकुशी की कोशिश की थी।गजब यह था कि पुलिस ने यौन उत्पीड़न की किसी भी संभावना से इनकार किया। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने एक अलग ही तस्वीर पेश की।
रिपोर्ट में गले पर चोटें, प्राइवेट पार्ट्स पर घाव, नाखूनों से खरोंचें, और शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए।
फोरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर वीर्य के निशान मिले, जो यौन उत्पीड़न की पुष्टि करते हैं। डीएनए रिपोर्ट ने भी बलात्कार और गला दबाकर हत्या की पुष्टि की। कमरे में खून और वीर्य के दाग, फटे कपड़े भी सबूत के रूप में पाए गए।
परिवार ने शुरू से ही यौन उत्पीड़न और प्रशासन द्वारा कवर-अप का आरोप लगाया। छात्रा के पिता ने जांच में देरी पर असंतोष जताते हुए आत्मदाह की धमकी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सच्चाई छिपाने की कोशिश की और परिवार को न्याय नहीं मिल रहा।
बिहार महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की और अध्यक्ष अप्सरा ने 21 जनवरी को जहानाबाद में परिवार से मुलाकात की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया। उन्हें सबूत इकट्ठा करने में असफलता और समय पर कार्रवाई न करने का दोषी पाया गया। हॉस्टल के मालिक या कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया, जो मुख्य संदिग्ध है।
विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया, जो वीर्य के डीएनए प्रोफाइल को संदिग्धों से मैच करने का काम कर रहा है। लेकिन परिवार की शिकायतों और सबूतों में विरोधाभास के चलते, बिहार सरकार ने 31 जनवरी 2026 को सीबीआई जांच की सिफारिश की। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की, कहा कि जांच पारदर्शी होगी।
अब इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने न्याय की मांग की और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया हालांकि कहा जा रहा है कि यह गिरफ्तारी पुराने मामले में की गई हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया, कहा कि भाजपा-एनडीए गठबंधन अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सिस्टम में गहरी सड़ांध का जिक्र किया और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सरकार की उदासीनता की आलोचना की।
प्रियंका गांधी ने भी कहा है कि एफआईआर, जांच और कार्रवाई संदिग्ध हैं, और यह हाथरस, उन्नाव जैसे मामलों की तरह है जहां सरकार आरोपी के साथ खड़ी होती है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने परिवार से मुलाकात की, जबकि आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मामले पर चिंता व्यक्त की है।
पटना में इस मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। छात्र संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की यह घटना नीट छात्रों पर पड़ने वाले दबाव, हॉस्टल सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सवाल उठाती है।
बिहार में नीट की तैयारी करने वाली हजारों छात्राएं अब असुरक्षित महसूस कर रही हैं। परीक्षा का तनाव पहले से ही आत्महत्या के मामलों को बढ़ावा देता है, लेकिन इस केस में यौन हिंसा का पहलू इसे और गंभीर बनाता है।
सीबीआई जांच से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। लेकिन यह मामला सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करता है।
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