नई दिल्ली। यह खबर चौंकाने वाली मगर सच है कि भारत जैसे गरीब देश में चुनाव आयोग के अधिकारी 600 रुपए प्रति लीटर का पानी पी रहे हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई आज की तस्वीर में इस सच का खुलासा हुआ है।

आयोग द्वारा जारी की गई तस्वीर में आवा ब्रांड की बोतल नजर आ रही है। यह पानी बेहद महंगा होता है।
आमेज़न पर इसका मूल्य 600 रुपये प्रति लीटर है,पर 17% कीछूट है। अब एक लीटर का दाम 499.50 rs है।
आवा नेचुरल मिनरल वाटर अरावली की पहाड़ियों से निकलने वाला प्राकृतिक अल्कलाइन मिनरल वाटर बताया जाता है, जो बिना RO या केमिकल ट्रीटमेंट के सीधे सोर्स से बॉटल किया जाता है। इस ब्रांड की शुरुआत 2005 में बेहराम मेहता द्वारा की गई थी और इसे शीलपे एंटरप्राइज कंपनी बनाती है।
अडानी ग्रुप आवा वाटर के प्रमुख कॉरपोरेट क्लाइंट्स में से एक है, जो अपने ऑफिसों और इवेंट्स में इसका इस्तेमाल करते हैं।इसकी।एक और ख़ासियत है कि इसे शीशे के बोतल में बेचा जाता है।
वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश के रे बताते हैं कि केंद्रीय जल आयोग की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, ‘2021 और 2031 के लिए औसत वार्षिक प्रति व्यक्ति जल उपलब्धताक्रमशः 1486 घन मीटर और 1367 घन मीटर आंकी गई है।1700 घन मीटर से कम वार्षिक प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता को जल संकट की स्थिति माना जाता है और 1000 घनमीटर से कम वार्षिक प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता को जल कमी की स्थिति माना जाता है।’






