जयपुर के चोमू में हिंसा: आधी रात को पुलिस पर पथराव, इंटरनेट बंद, जानिए कैसे हुआ ये सब, क्‍या है मामला?

Violence in Chomu

जयपुर। राजस्थान के जयपुर से सटे चोमू कस्बे में शुक्रवार तड़के एक मस्जिद के बाहर सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने को लेकर सांप्रदायिक तनाव फैल गया। यह विवाद कलंदरी मस्जिद के पास लंबे समय से पड़े पत्थरों और बाद में लगाई गई लोहे की रेलिंग से जुड़ा था, जो सड़क पर अतिक्रमण का कारण बन रहा था।

घटना में कम से कम चार से छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामला हिंसक होता देख और अफवाहें फैलने से रोकने के लिए इलाके में 24 घंटे का इंटरनेट बंद कर दिया, यह प्रतिबंध 27 दिसंबर की सुबह 7 बजे तक लागू रहेगा।

मीडिया खबरों के अनुसार, गुरुवार शाम को स्थानीय प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई, जिसमें बस स्टैंड के पास मस्जिद के बाहर सड़क पर रखे पुराने पत्थरों को हटाने पर आपसी सहमति बनी। समुदाय के सदस्यों ने खुद पत्थर हटाए, लेकिन कुछ लोगों ने मस्जिद की सीमा बनाने के लिए लोहे की रेलिंग लगानी शुरू कर दी।

यह कदम सड़क पर नया अतिक्रमण माना गया, जिससे रात करीब तीन बजे विवाद बढ़ गया। पुलिस जब जेसीबी से रेलिंग हटाने पहुंची, तो भीड़ में से कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और वाहनों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में पुलिसकर्मियों को सिर और अन्य जगहों पर चोटें आईं, और कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, शुरू में सब कुछ शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक कुछ लोगों की हरकतों से माहौल बिगड़ गया। यह लंबे समय से चला आ रहा विवाद था, लेकिन इस बार सहमति के बावजूद टकराव हो गया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे गए और हल्के लाठीचार्ज से भीड़ को खदेड़ा गया। आसपास के थानों जैसे चोमू, हरमदा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा से अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया। जयपुर से वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया ताकि शांति बहाल रहे। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

तनाव फैलने की आशंका में प्रशासन ने चोमू में मोबाइल इंटरनेट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स समेत सभी डेटा सेवाओं पर 24 घंटे का अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया। यह रोक 27 दिसंबर सुबह सात बजे तक रहेगी, जबकि वॉयस कॉल और ब्रॉडबैंड सेवाएं जारी रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है।

अब तक पुलिस ने हिंसा में शामिल आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से कुछ को पूछताछ के लिए उनके घरों से उठाया गया, जबकि भागने वालों की तलाश जारी है। विशेष टीमों का गठन किया गया है जो सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों से आरोपियों की पहचान कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कुछ लोगों ने हिंसा में शामिल होने से इनकार किया है और दावा किया कि वे निर्दोष हैं।

पुलिस ने क्‍या बताया?

डीजीपी (कानून-व्यवस्था) संजय अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि स्थिति पूरी तरह काबू में है और कानून को हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। जयपुर विशेष पुलिस आयुक्त राहुल प्रकाश ने बताया, “शांति भंग करने वालों को हिरासत में लिया गया है। कुछ पुराने अपराधी भी इसमें शामिल हैं। चोमू की डिप्टी एसपी उषा यादव ने घायलों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं और सुरक्षा बढ़ाई गई है।

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