नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
एक अमेरिकी अधिकारी ने शनिवार को उन रिपोर्टों से इनकार किया कि वाशिंगटन ने ईरान की संपत्तियों को अनफ्रीज करने पर सहमति दे दी है। अधिकारी की यह प्रतिक्रिया रॉयटर्स की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र के हवाले से बताया गया था कि अमेरिका ने कतर और अन्य विदेशी बैंकों में रखे ईरान के फ्रोजन एसेट्स को रिलीज करने पर सहमति दे दी है। इसी बीच अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में युद्धविराम की बातचीत जारी है पाकिस्तान में होने वाली इन बातचीत में वाशिंगटन के साथ डील होने की दिशा में इसे बड़ा विकास माना जा रहा था।
क्या कहा रायटर्स ने
ईरानी मीडिया के हवाले से रायटर्स का कहना है कि अमेरिका ने कतर में रखे ईरान के 6 अरब डॉलर के फ्रोजन फंड्स को रिलीज करने पर सहमति दी है।सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि एसेट्स को अनफ्रीज करना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने से “सीधे जुड़ा हुआ” है, जो बातचीत का एक अहम मुद्दा होने की उम्मीद है।
ईरान का अड़ियल रुख
इस्लामाबाद में वाइस प्रेसिडेंट जे डी वेंस के नेतृत्व वाली अमेरिकी टीम और ईरानी प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिएअमेरिका और ईरान के वरिष्ठ नेता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में छह सप्ताह पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए शनिवार को बातचीत कर रहे हैं। हालांकि तेहरान ने लेबनान और प्रतिबंधों पर प्रतिबद्धता के बिना बातचीत शुरू न होने की बात कहकर इन वार्ताओं पर संदेह डाल दिया था।
पाकिस्तान में जोरदार स्वागत
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति वेंस कर रहे हैं। इसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद कुशनेर भी शामिल हैं। शनिवार सुबह दो अमेरिकी वायुसेना के विमानों से वे इस्लामाबाद के एयर बेस पर उतरे, जहां पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक दार ने उनका स्वागत किया।
ईरान के स्पीकर और विदेश मंत्री मौजूद
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची कर रहे हैं। वे शुक्रवार को काले कपड़ों में पहुंचे, जो सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली खामेनेई और संघर्ष में मारे गए अन्य ईरानियों की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए था। उन्होंने अमेरिका द्वारा एक स्कूल पर बमबारी में मारे गए कुछ छात्रों के खून से सने जूते और बैग भी साथ लाए थे।
लगभग एक दशक से फ्रोजन फंड्स
ये 6 अरब डॉलर 2018 में पहली बार ब्लॉक किए गए थे और 2023 में कैदी अदला-बदली समझौते के तहत अनलॉक होने वाले थे। लेकिन हमास के नेतृत्व वाले इजराइल पर 7अक्टूबर 2023 के हमले के बाद बाइडेन प्रशासन ने इन एसेट्स को फिर से फ्रीज कर दिया था, क्योंकि हमास का ईरान से संबंध था। उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया था कि तेहरान को इस पैसे तक अनिश्चितकाल के लिए पहुंच नहीं दी जाएगी और वाशिंगटन को पूरी तरह से फंड्स को लॉक करने का अधिकार सुरक्षित है।
साउथ कोरिया को तेल निर्यात का था यह पैसा
यह पैसा ईरान के दक्षिण कोरिया को कच्चे तेल निर्यात से आया था, जो 2018 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति काल में ईरान न्यूक्लियर डील से अमेरिका के बाहर निकलने और प्रतिबंध दोबारा लगाने के बाद दक्षिण कोरियाई बैंकों में फंस गया था।
2023 के सितंबर में दोहा-ब्रोकरेड कैदी स्वैप के हिस्से के रूप में, फंड्स को कतर के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया था। इस डील में ईरान की हिरासत से पांच अमेरिकी कैदियों को रिहा किया गया था, बदले में फ्रोजन एसेट्स को रिलीज किया गया और अमेरिका में बंद पांच ईरानी नागरिकों को छोड़ा गया।
उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि यह पैसा केवल मानवीय जरूरतों पर ही खर्च किया जा सकता है — यानी ईरान में भोजन, दवाएं, मेडिकल उपकरण और कृषि उत्पादों जैसे जरूरी सामान के लिए vetted सप्लायर्स के माध्यम से, और सब कुछ अमेरिकी ट्रेजरी की निगरानी में।











