रायपुर । त्योहारी सीजन में ध्वनि प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस से अस्पतालों के आसपास तेज आवाज में DJ बजाने पर रोक लगाने की अपील की गई है। अपील में खासतौर पर बच्चों के अस्पतालों और नर्सिंग होम के आसपास ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की गई है।
अपील में कहा गया है कि बीमार बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लाया जाता है। ऐसे में अस्पताल के आसपास तेज आवाज में DJ बजने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो सकती है। कहा गया कि त्योहार कुछ दिनों का होता है, लेकिन बीमारी और पीड़ा किसी त्योहार को देखकर नहीं आती।
100 मीटर का साइलेंस जोन
अपील के मुताबिक, रायपुर कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद 24 नवंबर 2023 के आदेश से शासकीय और निजी अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों और न्यायालयों के आसपास 100 मीटर की परिधि को साइलेंस जोन घोषित किया है।
अपील में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 का हवाला देते हुए कहा गया है कि अस्पतालों के दायरे में नर्सिंग होम और क्लिनिक भी आते हैं। वहीं शासकीय कार्यालयों में थानों को भी शामिल बताया गया है। इसके बावजूद इन इलाकों के आसपास DJ बजने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
500 मीटर तक दायरा रखने की मांग
अपील में कहा गया है कि आजकल DJ की आवाज काफी दूर तक पहुंचती है और कई बार 400 से 500 मीटर दूर तक भी सुनाई देती है। ऐसे में नैतिक रूप से मौन क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे को कम से कम 500 मीटर तक मानने की जरूरत बताई गई है।
खासकर बच्चों के अस्पतालों और चाइल्ड नर्सिंग होम के सामने तेज आवाज में DJ बजाने को लेकर चिंता जताई गई है। अपील में कहा गया कि जिस अस्पताल में कोई बच्चा गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो, वहां तेज आवाज मरीज और उसके परिवार की परेशानी बढ़ा सकती है।
प्रशासन के आदेश के पालन पर भी सवाल
अपील में यह भी सवाल उठाया गया है कि जब प्रशासन ने अस्पतालों और अन्य संवेदनशील स्थानों को साइलेंस जोन घोषित किया है, तो उन्हीं इलाकों में तेज आवाज में DJ बजने की स्थिति में आदेश के पालन की जिम्मेदारी किसकी है। कहा गया कि यदि घोषित साइलेंस जोन में ही नियमों का पालन नहीं होगा, तो ऐसे आदेश का उद्देश्य भी सवालों के घेरे में आ जाता है।
अपील में स्पष्ट किया गया है कि यह किसी धार्मिक आयोजन या त्योहार के खिलाफ नहीं है। लोगों से उत्सव मनाने के साथ अस्पतालों में इलाज करा रहे बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य मरीजों की परेशानी का भी ध्यान रखने की अपील की गई है।









