बेरोजगारी दर 6.8 फीसदी! CMIE के आंकड़े ने पेश की भयावह तस्वीर

CMIE

लेंस न्यूज। क्या बहुत से भारतीय अब काम करना ही नहीं चाहते? देश की अर्थव्यवस्था में यह खतरनाक संकेत नजर आया है, CMIE यानी कि Centre for Monitoring Indian Economy की एक ताजा रिपोर्ट में! मगर इसके साथ ही एक और आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। वह यह कि देश में मई, 2026 में बेरोजगारी की दर बढ़कर 6.8 फीसदी हो गई है। ये दोनों आंकड़े सीएमआईई यानी सेंटर फॉर मॉनिटिरिंग इंडियन इकॉनमी ने जारी किए हैं।

सीएमआईई भारतीय घरों में होने वाली खपत के आधार पर आकलन करता है। इसके लिए वे भारतीय घरों से डेटा इकट्ठा करता है। 2026 की उसके हाल में आए कंज्यूमर पिरामिड्स हाउसहोल्ड सर्वे (CPHS) के मुताबिक दस साल पहले काम करने की उम्र वाले 43 फीसदी भारतीयों के पास नौकरियां थीं। अब यह आंकड़ा घट कर 39 फीसदी से भी कम हो गया है।

इसकी वजह यह है कि बड़ी संख्या में लोग काम की तलाश करना ही छोड़ चुके हैं। दस साल पहले, काम करने की उम्र वाले 51% भारतीय या तो नौकरी कर रहे थे या काम करना चाहते थे। अब यह घटकर सिर्फ 44% रह गया है।

इसका मतलब है कि नौकरी खोने वालों की तुलना में कहीं ज्यादा लोग पूरी तरह से नौकरी बाजार से बाहर हो चुके हैं। यह दो अलग-अलग आर्थिक समस्याओं का मिला-जुला प्रभाव है। पहली समस्या यह कि, बढ़ती फ्रीबी (मुफ्त योजनाएं) की वजह से सबसे गरीब लोग बिना काम किए भी गुजारा कर ले रहे हैं।

दूसरी समस्या यह है कि, पिछले 10 सालों में छोटी छोटी नौकरियों की गुणवत्ता खराब हो गई है। गरीबों का एक बड़ा वर्ग सोचता है कि काम करने से कोई फायदा नहीं है।

हालांकि इसे केंद्र और राज्य सरकारों की उन योजनाओं से भी जोड़कर देखा जाता है, जिसमें खासतौर से गरीब वर्ग के खातों में नकद हस्तांतरण सहित सस्या या मुफ्त राशन देने जैसी योजनाएं शामिल हैं।

सीएमआईआई के घरेलू सर्वे और मई के महीने के बेरोजगारी के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो अर्थव्यवस्था की जो तस्वीर बनती है, वह काफी मायूस करने वाली है। सीएमआईआई के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च में बेरोजगारी दर 5.1 फीसदी थी, जो अप्रैल में बढ़कर 5.2 फीसदी हो गई,लेकिन मई के महीने में यह आंकड़ा चिंताजनक रूप से 6.85 फीसदी पर पहुंच गया है।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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