केरल में जिस एक सीट पर जीती बीजेपी, उस सीट पर एक पते पर 9 फर्जी मतदाता!

August 12, 2025 5:20 PM
Thrissur Lok Sabha

नेशनल ब्यूरो। तिरुवनंतपुरम

केरल की एक महिला ने दावा किया है कि राज्य के त्रिशूर स्थित उसके आवासीय पते पर नौ “फर्जी” मतदाता पंजीकृत हैं। महिला के अनुसार वह अपने परिवार की एकमात्र सदस्य हैं जो त्रिशूर शहर में मतदान करती हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार के अन्य सदस्य उनके पैतृक गांव पुचिनीपदम में मतदान के लिए पंजीकृत हैं।

प्रसन्ना के आरोप विपक्ष द्वारा मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के लगाए गए आरोपों की पृष्ठभूमि में आए हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव “चुराने” के लिए मतदाता धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। केरल में ये आरोप त्रिशूर शहर के पूनकुन्नम इलाके से आए हैं, जहां प्रसन्ना का 4सी, कैपिटल विलेज अपार्टमेंट्स में एक घर है।

पत्रकारों से बात करते हुए प्रसन्ना ने बताया कि वह अपने परिवार में त्रिशूर शहर में वोट देने वाली एकमात्र वोटर हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में चार अन्य वयस्क और दो बच्चे हैं और ये सभी वयस्क उनके पैतृक गांव पुचिनीपदम में मतदान के लिए पंजीकृत हैं।

उन्होंने बताया कि उन्हें हाल ही में नौ अतिरिक्त नामों के बारे में तब पता चला, जब किसी ने सत्यापन के लिए उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा, “हम उनमें से किसी को नहीं जानते। हम चार साल से यहां रह रहे हैं। हमारी सहमति के बिना हमारे पते पर नाम जोड़ना उचित नहीं है।” उन्होंने बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

सीपीएम कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूनकुन्नम के अन्य फ्लैटों, जैसे वाटर लिली और कैपिटल विलेज में भी मतदाता सूची में इसी तरह की अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि खाली फ्लैटों का इस्तेमाल दूसरे जिलों से वोट ट्रांसफर करने के लिए फर्जी पते के रूप में किया गया। उन्होंने कहा, “असली फ्लैट मालिक इन लोगों को जानता तक नहीं है, इसलिए यह मामला गंभीर है।”

इन आरोपों ने सीपीएम नेता और त्रिशूर के पूर्व उम्मीदवार वी.एस. सुनील कुमार के दावों को बल दिया है, जिन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाता पंजीकरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को अनुमति देने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकेले एक ही बूथ पर 280 आवेदन एक साथ आए और दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों तथा प्रवासी मजदूरों के नाम जोड़ दिए गए।

उनके अनुसार, चुनाव आयोग ने पते के प्रमाण के रूप में पोस्टल कार्ड का उपयोग करके मतदाता पंजीकरण की अनुमति देकर प्रक्रिया को आसान बना दिया है। त्रिशूर केरल की एकमात्र लोकसभा सीट थी, जिसे 2024 में भाजपा ने जीता था, जिसमें सुरेश गोपी ने एलडीएफ के सुनील कुमार और यूडीएफ के के. मुरलीधरन को हराया था।

विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने भी शिकायतों की गहन जांच की मांग की और भाजपा पर “गलत तरीके से” वोट जोड़ने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कथित चुनावी धांधली को उजागर करने के लिए राहुल गांधी की प्रशंसा की और नागरिकों से “फासीवाद, निरंकुशता और सांप्रदायिकता” का विरोध करने का आह्वान किया।

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