छात्रों की गूंज की सफलता के बीच DUSU में हार से राहुल गांधी नाराज

DUSU

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) में NSUI की करारी हार ने कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। चुनाव परिणाम से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। कांग्रेस के उच्च सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से फ्री होने के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से फोन कर परिणाम की पूरी जानकारी ली और मामले में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

DUSU चुनाव में हार के बाद एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस हार के जिम्मेदारों पर पार्टी की ओर से एक्शन लिया जा सकता है।

DUSU चुनाव में ABVP ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े दीपांशु शौकीन जीते हैं। NSUI के इस प्रदर्शन से राहुल गांधी काफी नाराज बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसलिए भी नाराज हैं क्योंकि जब वो पूरे देश में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे थे, तभी इस तरह के परिणाम सामने आए।

राहुल गांधी के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे इस बात से सबसे ज्यादा असहज हैं कि एक तरफ वह देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए छात्र और युवा पार्टी के समर्थन में सामने आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ DUSU में पार्टी का यह प्रदर्शन उनकी पूरी रणनीति पर पानी फेर रहा है। चुनाव नतीजों के बाद भाजपा भी हमलावर हो गई और उसने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ बताकर फ्लॉप कार्यक्रम करार दे दिया।

दीपांशु को प्रेसिडेंट पद पर लड़ाना चाहती थी NSUI

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में NSUI का सूपड़ा साफ होने की सबसे बड़ी वजह पार्टी की अंदरूनी कलह और गलत टिकट वितरण माना जा रहा है। चुनाव से पहले NSUI में टिकटों को लेकर घमासान शुरू हो गया था। उपाध्यक्ष पद पर भी वीर चतरथ को टिकट दिए जाने का भारी विरोध NSUI के भीतर ही हुआ था।

कहा जा रहा है कि NSUI दीपांशु शौकीन को अध्यक्ष के पद पर चुनाव लड़वाना चाहती थी, लेकिन वे उपाध्यक्ष पद से ही टिकट चाहते थे। दोनों अपनी जिद पर अड़े रहे, इसके बाद शौकीन ने अपनी राह अलग कर निर्दलीय मैदान में उतर गए।

हालांकि दीपांशु ने इसका खंडन किया है। चुनाव परिणाम के बाद दीपांशु ने उपाध्यक्ष पद जीतकर इतिहास रच दिया। DUSU में यह पहला मौका है जब किसी निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है।

राहुल ने वेणुगोपाल से मांगी रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने केसी वेणुगोपाल से साफ शब्दों में पूछा कि आखिर एनएसयूआई एक भी सीट क्यों नहीं जीत पाई? हार के मुख्य कारण क्या रहे? उम्मीदवार चयन में किस आधार पर फैसले लिए गए? इन सभी पहलुओं पर रिपोर्ट और जवाब मांगा गया है। हर उम्मीदवार और NSUI के लोगों से बात कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

एनएसयूआई की करारी हार से कांग्रेस के सभी बड़े नेता चिंतित हैं। कांग्रेस के भीतर हो रही चर्चाओं की मानें तो कई नेताओं को लगता है कि चुनावी नतीजों ने पूरे माहौल और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को प्रभावित किया है। इसी कारण इस हार के बाद राहुल गांधी ने कड़ी नाराजगी जताई है।

जानकारों के अनुसार, आने वाले दिनों में गलत फीडबैक देने वाले रणनीतिकारों पर पार्टी की ओर से कड़ा एक्शन हो सकता है। इसका फैसला रिपोर्ट मिलने के बाद ही राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे।

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