ओडिशा से लौटकर सीएम साय ने महानदी जल विवाद जल्द सुलझने के दिए संकेत, बोले- बातचीत और तकनीकी परामर्श से निकलेगा समाधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद (Mahanadi Water Dispute)के जल्द समाधान की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कहा कि दोनों राज्यों के बीच बातचीत और तकनीकी परामर्श के जरिए इस विवाद का समाधान जल्द निकाला जा सकता है।

ओडिशा के दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से महानदी जल विवाद को लेकर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच नदी के पानी को लेकर टकराव की कोई स्थिति नहीं है।

महानदी के पानी के बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। ओडिशा ने छत्तीसगढ़ में महानदी की ऊपरी धारा में बनाए जा रहे बैराजों पर आपत्ति जताई थी। ओडिशा का कहना रहा है कि इन संरचनाओं से खासकर गैर-मानसून अवधि में उसके हिस्से में आने वाले पानी का प्रवाह प्रभावित होता है।

ओडिशा ने 2016 में केंद्र सरकार के समक्ष छत्तीसगढ़ में औद्योगिक उपयोग के लिए बनाए जा रहे छह बैराजों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र ने 12 मार्च 2018 को महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था।

अब तकनीकी स्तर पर भी बातचीत तेज

विवाद के समाधान के लिए इस साल 30 जुलाई को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की बैठक हुई थी। केंद्र के मुताबिक बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

केंद्र ने बताया था कि दोनों राज्यों के बीच तकनीकी मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ी है। विस्तारित तकनीकी समिति का गठन भी किया गया है, जिसकी पहली बैठक 29 जुलाई को हुई थी।

ओडिशा CM भी जता चुके हैं समाधान की उम्मीद

महानदी विवाद को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी पिछले महीने उम्मीद जता चुके हैं कि दोनों राज्यों के बीच विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान दीपावली से पहले निकाला जा सकता है।

अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ताजा बयान के बाद लंबे समय से चले आ रहे इस अंतरराज्यीय जल विवाद के समाधान की दिशा में बातचीत को लेकर उम्मीद और बढ़ी है।

हालांकि अभी किसी अंतिम जल-बंटवारे समझौते की घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक बातचीत के साथ तकनीकी स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now