लेंस डेस्क। तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री थलापति विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार Tamil Nadu Floor Test में सफल हो गई है। विश्वास प्रस्ताव पर 144 विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया, जबकि विपक्ष के पक्ष में सिर्फ 22 वोट पड़े। वोटिंग के दौरान 5 विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे। TVK को मिले समर्थन में AIADMK के बागी विधायकों के वोट भी शामिल बताए जा रहे हैं।
TVK को मिला मजबूत समर्थन
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने AIADMK के बागी विधायकों से मुलाकात की है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या यही साफ-सुथरी राजनीति है? यह बदलाव है या सौदेबाजी?” उदयनिधि ने कहा कि TVK को इंस्टाग्राम रील्स के जरिए नहीं, बल्कि असली (Real) governance से काम करना चाहिए।
CM विजय का जवाब
मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार सेक्युलर तरीके से घोड़े की रफ्तार से काम करेगी, न कि हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को उनकी सरकार जारी रखेगी।विवाद के दौरान DMK के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
AIADMK में गुटबाजी
TVK सरकार बनने के बाद AIADMK में स्पष्ट फूट नजर आ रही है। कई विधायकों के बागी रुख ने पार्टी को नई चुनौती दी है।
सदन में क्या हो रहा है?
विधानसभा की बैठक सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। मुख्यमंत्री विजय आज विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे। इससे पहले सोमवार को कई नए विधायकों ने शपथ ली। TVK के जे.सी.डी. प्रभाकर को निर्विरोध स्पीकर चुना गया, जबकि रविशंकर डिप्टी स्पीकर बने। कांग्रेस, CPI(M), VCK और IUML के विधायक TVK सरकार को समर्थन दे रहे हैं। एक निष्कासित AMMK विधायक कामराज ने भी सदन में TVK का साथ दिया है।
मद्रास हाईकोर्ट ने TVK के एक विधायक श्रीनिवासन सेतुपति को विश्वास मत में हिस्सा लेने से रोक दिया है। यह फैसला DMK उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन की याचिका पर सुनवाई के बाद आया।










