नई दिल्ली। Substantive Motion against Rahul Gandhi: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम संसद में हालिया तीखी बहसों के बीच उठाया गया है, जिसमें राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरावणे की अप्रकाशित किताब के कथित प्रसार और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाए थे।
गौरतलब है कि मार्च 2023 में एक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित किया गया था। उस समय 2019 के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के उपनाम को दो फरार कारोबारियों से जोड़कर “चोर” वाली टिप्पणी पर सजा हुई थी।
राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर एपस्टीन फाइल्स से जुड़े खुलासों को लेकर सीधा हमला बोला था। इसके बाद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को एक नोटिस लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों से जुड़े दिखते हैं और राष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। दुबे के अनुसार, राहुल गांधी को किसके पैसे मिल रहे हैं, जिनका मकसद देश को नुकसान पहुंचाना है? अप्रकाशित किताब उन्हें कैसे मिली? लोकसभा को उनकी सदस्यता खारिज करनी चाहिए।
दुबे ने अपने नोटिस में लिखा है कि राहुल गांधी पहली बार ऐसा नहीं कर रहे। वे रक्षा, वित्त, वाणिज्य और विदेश मामलों जैसे क्षेत्रों में सरकार को बदनाम करने के लिए विवाद खड़े करते रहे हैं। संसद और सार्वजनिक मंचों पर वे बिना सबूत के गंभीर आरोप लगाकर जनभावनाओं को भड़काते हैं।
नोटिस में दावा किया गया है कि राहुल गांधी सोरोस फाउंडेशन के माध्यम से सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जो दुनिया भर में कई देशों को अस्थिर करने के लिए कुख्यात है। 11 फरवरी को दिए भाषण में उन्होंने भारतीय कंपनियों पर टिप्पणी कर बैंकिंग सिस्टम को बड़े कारोबारियों के साथ मिलीभगत से ढहने का गलत चित्र पेश करने की कोशिश की।
कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस की ओर से रेणुका चौधरी ने दुबे पर पलटवार करते हुए कहा कि वे सिर्फ केंद्रीय मंत्री बनना चाहते हैं, इसलिए राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि एक बार उनके कुत्ते को संसद परिसर में लाने पर भी विशेषाधिकार प्रस्ताव की बात हुई थी। क्या भाजपा सांसदों को विशेषाधिकार प्रस्ताव का मतलब पता है?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कुछ बयान कार्यवाही से हटा दिए गए, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समान बयान बने रहने दिए गए। वेणुगोपाल ने चुनौती दी, “पिछली बार मैंने उनकी सदस्यता स्वीकार की, लेकिन जनता ने उन्हें मोदी से ज्यादा बहुमत से चुना है। हम किसी नोटिस की परवाह नहीं करते। चाहें तो फांसी दे दें।”
इस बीच, लोकसभा में भाजपा के मुख्य व्हिप संजय जयसवाल ने राहुल गांधी के बजट बहस के भाषण से कई टिप्पणियां हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री व केंद्र पर बेबुनियाद आरोप लगाए।
दिल्ली पुलिस ने पेंगुइन इंडिया से की पूछताछ
दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने पूर्व जनरल नरावणे की अप्रकाशित किताब के कथित प्रसार की जांच में आपराधिक षड्यंत्र का आरोप जोड़ दिया है। स्पेशल सेल ने पेंगुइन इंडिया की टीम से पूछताछ की है और 15 सवालों के जवाब मांगे हैं। प्रकाशक की टीम ने कुछ जवाब दिए हैं और बाकी के लिए समय मांगा है।











