नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किया गया 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट शेयर बाजार को पसंद नहीं आया। यह उनका लगातार नौवां बजट था, जिसके बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स में 2300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बजट के बाद सेंसेक्स 1546 अंक यानी करीब 2% गिरकर 80,722 पर और निफ्टी भी 495 अंक टूटकर 24,825 के स्तर पर बंद हुआ।
मनमोहन सिंह के अगुवाई वाली यूपीए सरकार 1 के 2004 के पहले बजट के दौरान सेंसेक्स में ऐसी ही गिरावट आई थी। तब सरकार को समर्थन दे रही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता एबी वर्धन ने कहा था भाड़ में जाए शेयर बाजार।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। बजट भाषण समाप्त होने के तुरंत बाद बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
सेंसेक्स 2000 अंक गिरकर 80,731.49 के स्तर पर पहुंच गया। पहले यह 1,649 अंक गिरकर 80,619.92 तक पहुंचा था। निफ्टी 750 अंक गिरकर 24,597 के स्तर पर आ गया। दोपहर में यह 481 अंक गिरकर 24,838.75 तक पहुंचा, जो 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे है।
बाजार की यह गिरावट बजट के दौरान घोषित सुधारों के बावजूद हुई, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये और बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये की घोषणा की गई। हालांकि, इन सकारात्मक कदमों ने बाजार को
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार ने बजट को ठंडा रिस्पॉन्स दिया क्योंकि एसटीटी में फ्यूचर्स पर 0.02% से 0.05% की वृद्धि ने ट्रेडिंग लागत बढ़ा दी, जिससे डेरिवेटिव सेगमेंट में टर्नओवर प्रभावित हुआ। इसके अलावा, बायबैक पर कैपिटल गेंस टैक्स और कोई बड़ा रैली ट्रिगर न होने से निवेशक सतर्क रहे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि बाजार में उच्च अस्थिरता बनी रहेगी, जबकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर ने बताया कि घरेलू मजबूती के बावजूद वैश्विक अनिश्चितताएं बाजार को बांधे रखेंगी।











