रायपुर। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से कथित लोहा और स्क्रैप चोरी के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मंजूरी दे दी है। अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी करेगी।
यह मामला पुरानी भिलाई थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 277/2026 से जुड़ा है। पुलिस जांच में BSP से स्क्रैप की कथित अवैध निकासी और उसे बाहर खपाए जाने का मामला सामने आया था। मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें BSP से जुड़े कर्मचारी और निजी कंपनियों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
मामले की शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया था। इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया। सितंबर में रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा से जुड़े निदेशकों की गिरफ्तारी भी हुई थी। BSP की आंतरिक कार्रवाई में तीन कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद अब CBI इस पूरे मामले की जांच करेगी। इससे जांच का दायरा BSP के भीतर कथित स्क्रैप निकासी से लेकर परिवहन, खरीद और निजी औद्योगिक इकाइयों में कथित खपत तक बढ़ सकता है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
मामले को लेकर भाजपा विधायक रिकेश सेन ने भी विधानसभा में मुद्दा उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से CBI जांच की मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।










