Raipur जिले के धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलयारी में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म का मामला अब एक नया मोड़ ले लिया है। पहले यह एक संवेदनशील यौन अपराध के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन अब इसमें कथित समझौते, पैसों के लेन-देन और प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता सूरज ठाकुर और पत्रकार सैफी खान को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मामले को दबाने और समझौता कराने के नाम पर आरोपित पक्ष से रकम वसूली की।
पुलिस जांच में सामने आई 1.30 लाख रुपये की कथित वसूली
धरसींवा पुलिस के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण को दबाने के लिए कुल 1 लाख 30 हजार रुपये का लेन-देन हुआ था। पुलिस का दावा है कि इस रकम के हस्तांतरण में गिरफ्तार दोनों आरोपितों की भूमिका थी और उन्हें ऑनलाइन माध्यम से राशि प्राप्त हुई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले पुलिस पीड़िता के दादा और दो कथित बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि पीड़िता के दादा ने भी मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपित पक्ष से रकम ली थी। उनके कब्जे से लगभग एक लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बदली जांच की दिशा
सिलयारी प्रकरण की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 को दर्ज शिकायत से हुई थी। शुरुआती जांच के दौरान नाबालिग बालिका द्वारा अपराध से इनकार किए जाने के कारण मामला लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था। लेकिन इसी दौरान सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की और पहले दुष्कर्म के आरोपितों को गिरफ्तार किया। इसके बाद कथित समझौते और पैसों के लेन-देन की परतें खुलने लगीं। पुलिस का दावा है कि उसके पास रकम लेने और बातचीत से जुड़े वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं।
बाल आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़िता और उसके अभिभावकों को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है। आयोग इस बात की भी समीक्षा करेगा कि मामले में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों का पालन सही तरीके से किया गया या नहीं।
अभी और खुल सकते हैं कई राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और वित्तीय लेन-देन, कथित बिचौलियों तथा अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है। सिलयारी दुष्कर्म प्रकरण अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है। यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित करने और संवेदनशील मामलों को समझौते के जरिए दबाने की कोशिश की गई। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष इस पूरे मामले की सच्चाई को और स्पष्ट कर सकते हैं।









