रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीरगांव इलाके में एक महिला को न्याय मिलने के बजाय दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पहले उसका मकान जलाया गया और अब उसी महिला के खिलाफ रायपुर पुलिस (Raipur Police) ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीरगांव नगर निगम के सत्या नगर वार्ड क्रमांक-22 निवासी भगवती कोशले पति सुखचंद कोशले के घर में करीब 3-4 दिन पूर्व अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगा दी गई थी। इस घटना में घर का अधिकांश घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। पीड़िता ने घटना की शिकायत पुलिस से की, लेकिन आरोप है कि अब तक न तो आरोपियों की पहचान हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
न्याय न मिलने से आहत महिला ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपना दर्द बयां किया। इसी दौरान उसने रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर दिया। बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तूल पकड़ने लगा।
वीडियो सामने आने के बाद विधायक और भाजपा से जुड़े लोग उरला थाने पहुंचे और महिला के साथ-साथ वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने आगजनी की पीड़ित महिला और अन्य के खिलाफ गाली गलौज की धाराओं में एफआईआर की है।
उत्तर क्षेत्र के डीसीपी मयंक गुर्जर ने एफआईआर की पुष्टि की है। उरला टीआई रोहित मालेकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर गाली गलौज की एफआईआर कर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस महिला का घर जलाया गया, उसे न्याय देने के बजाय पुलिस ने उसी को आरोपी बना दिया। इस एफआईआर ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं घर जलाने की मूल घटना पर अब तक किसी तरह की कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करने के साथ ही पुलिस के दावों की पोल खोल रहा है।
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