रायपुर। बस्तर (Bastar) को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ा काम हुआ है। ऐसे में बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग करना विकास विरोधी सोच है।
तीन दिन के दिल्ली दौरे से लौटकर रायपुर एयरपोर्ट में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा बलों और राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में चार दशक से ज्यादा समय से चली आ रही नक्सल समस्या के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है।
CM साय ने कहा कि बस्तर की जनता लंबे समय तक नक्सलवाद से पीड़ित रही। नक्सली इलाकों में विकास के काम नहीं होने देना चाहते थे। सड़क, स्कूल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में लगातार बाधाएं पैदा की जाती थीं। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने ऐसे कामों को संभव कर दिखाया, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।
उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह की बातें करते हैं, वे विकास विरोधी हैं और छत्तीसगढ़ की जनता के विरोधी हैं। हमने नक्सलवाद को समाप्त किया है और अब बस्तर तक विकास भी पहुंचाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सरकार की नियत नेल्लानार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत 500 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार ने नियत नेल्लानार 2.0 का रोडमैप भी तैयार किया है।
CM साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।









